स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए फीडबैक लेने में निगम निगम फिसड्डी साबित हो रहा है। पिछले साल की तुलना में इस साल सिटीजन फीडबैक लेने में निगम काफी पीछे चल रहा है। हालांकि, अन्य निगमों से फिलहाल हरिद्वार फीडबैक लेने में सबसे आगे है। लेकिन, बीते वर्ष जहां 45 हजार लोगों का फीडबैक लिया गया था तो वहीं अभी तक करीब 13 हजार तक का ही लिया जा सका है। फीडबैक लेने के लिए 15 अप्रैल तक का समय नगर निगम के पास है।
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए नगर निगम की ओर से मार्च की शुरुआत में सिटीजन फीडबैक लेने का कार्य शुरू किया गया था। इसके लिए निगम की करीब चार टीमें गठित की गई थी। पहले पांच अप्रैल तक फीडबैक लेने का समय निर्धारित किया गया था। लेकिन, अब 15 अप्रैल तक इसका समय बढ़ा दिया गया। हरिद्वार नगर निगम स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए करीब 13 हजार लोगों का सिटीजन फीडबैक ले चुका है। जो पिछले साल की तुलना में आधा भी नहीं है। बीते वर्ष करीब 45,389 का सिटीजन फीडबैक लिया गया था। बीते वर्ष रैंकिंग सुधरने के बजाय और पीछे खिसक गई थी।
इस साल शहर को स्वच्छ बनाने के साथ ही रैंकिंग में सुधार होने के दावे तो किए जा रहे हैं, लेकिन घटता फीडबैक दावों की पोल खोल रहा है। हरिद्वार के बाद रुड़की नगर निगम भी फीडबैक लेने में बहुत पीछे चल रहा है। इससे सफाई व्यवस्था के प्रति लोगों का रुझान ठीक न होना माना जा रहा है।
सहायक नगर आयुक्त श्याम सुंदर शर्मा का कहना है कि 15 अप्रैल तक सिटीजन फीडबैक लेने का समय निर्धारित किया गया है। फीडबैक लेने के मामले में हरिद्वार अन्य शहरों के नगर निगमों से पहले नंबर पर ही चल रहा है।