हरिद्वार। एक मंत्री को लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार ने नियम ही बदल डाले। 2015 की खनन नीति में स्टोन क्रशर को गंगा से पांच सौ मीटर दूरी पर लगाने की बजाए तीन सौ मीटर कर डाला। यह बात मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कही।
मातृसदन में पत्रकार वार्ता में स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि प्रदेश सरकार एक मंत्री पर मेहरबान है। उन्होंने कहा कि 26 मई 2011 को मातृसदन ने हिमालय स्टोन क्रशर के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट दायर की थी। हाईकोर्ट ने तत्कालीन जिलाधिकारी को आरक्षित वन क्षेत्र से पांच किलोमीटर की दूरी पर ही स्टोन क्रशर लगाने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि पीली में जिस स्थान पर स्टोन क्रशर लगा है वह झिलमिल झील के साथ ही राजाजी टाईगर रिजर्व के काफी नजदीक है। स्टोन क्रशर गंगा नदी पांच सौ मीटर दूर लगाने का नियम था। जिसे बाद में प्रदेश सरकार की ओर से 400 मीटर कर दिया गया। अब प्रदेश के वन मंत्री दिनेश अग्रवाल के स्टोन क्रशर को लाभ पहुंचाने के लिए 2015 की खनन नीति में गंगा से स्टोन क्रशर की दूरी 300 मीटर कर दी गई। उन्होंने कहा कि वे कुंभ क्षेत्र को बढ़ाने के लिए काफी समय मांग कर रहे हैं। लेकिन सरकार की ओर से उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जा रही है। जबकि अर्द्घकुभ में आने वाले श्रद्घालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए कुंभ मेला क्षेत्र में भोगपुर तक बढ़ाना आवश्यक है।