श्यामपुर। दूधला दयालवाला गांव में खनन को लेकर ग्रामीण दो धड़ों में बंट गए हैं। सोमवार को ग्रामीणों के दो पक्ष खनन को लेकर आमने सामने आ गए। कुछ ग्रामीण खनन को रोजगार से जोड़कर फायदे का सौदा बता रहे थे, तो कुछ ग्रामीण बरसात में गांव के आसपास पानी भरने से नुकसान होने की आशंका व्यक्त कर खनन का विरोध कर रहे थे।
जिला प्रशासन की ओर से दूधला दयालवाला गांव से सटी भूमि पर एक पट्टा स्वीकृत किया गया था। पट्टे पर खनन होने पर ग्रामीणों ने उक्त जमीन को ग्राम समाज की भूमि बताकर खनन का विरोध किया था। ग्रामीणों की शिकायत के बाद पहले नायब तहसीलदार और फिर तहसीलदार दिनेश मोहन उनियाल ने मौके पर जाकर नापजोख की थी। सोमवार को नायब तहसीलदार सुदेश कुमार राजस्व विभाग की टीम के साथ पट्टे की नापजोख कर रहे थे तो खनन को लेकर ग्रामीणों के दो आमने सामने आ गए। खनन को लेकर ग्रामीण ओमप्रकाश और दूसरे पक्ष में तू-तू मैं मैं होने लगी। विवाद बढ़ता देख स्थानीय लोगों और पटवारी के हस्तक्षेप करने के बाद मामला शांत हुआ लेकिन जिस तरह से खनन को लेकर दूधला दयालवाला गांव में ग्रामीणों में दो फाड़ हो गए हैं उससे भविष्य में दोनों पक्षों में झगड़ा होने से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं नायब तहसीलदार सुदेश कुमार ने बताया कि पट्टा स्वामी की ओर से और खनन किया जाएगा।