हरिद्वार। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर देेश के विभिन्न भागों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में डुबकी लगाई। सायंकाल गंगा के विभिन्न तटों पर दीपदान किया गया। इसी के साथ पांच दिनों की पंचस्नानी और एक माह का कार्तिक स्नान संपन्न हो गया है।
स्नानार्थियों की भीड़ बुधवार तड़के से हरकी पैड़ी सहित गंगा के विभिन्न तटों पर उमड़ने लगी थी। सवेरे तेज हवाओं और ठंड के बावजूूद श्रद्धालुओं ने गंगा भैया का जय घोष करते हुए गोते लगाए। बड़े-बूढ़े ही नहीं बच्चे और महिलाएं भी सुबह के समय स्नान करते नजर आए।
जैसे की सूर्योदय हुुआ श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी। कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच हरकी पैड़ी जाने वाले पैदल मार्गों पर प्रशासन को भीड़ संभालने में मुसीबतों का सामना करना पड़ा। व्यस्त बाजारों वाले क्षेत्रों यथा बड़ा बाजार, मोती बाजार, सब्जी मंडी, गऊ घाट, सुभाष घाट, नाई सोता, भीम गोड़ा मार्ग आदि पर जाम की स्थित कई बार भयावह हुई। उसके बावजूद स्नान शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
सायंकाल की गंगा आरती में एक बार फिर से भारी भीड़ हरकी पैड़ी पहुंची। स्नानार्थियों में सर्वाधिक संख्या गुजरात और राजस्थान से आए यात्रियों की थी। मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से भी श्रद्धालुओं की खासी संख्या रही। कुमाऊं मंडल से भीड़ नहाने के लिए आई। श्रद्धालुओं ने स्नानोंपरांत कार्तिक महात्म्य की कथा सुनी। इसी के साथ गंगा की पंचस्नानी और कार्तिक स्नान संपन्न हो गए हैं। पवित्र मास को विदा करते हुए लोगों ने सायंकाल गंगा तट पर दीप जलाए।