राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधि ने सोमवार को जनपद के कई सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिड डे मील की व्यवस्थाओं को जांचा। सूत्र बताते हैं कि कुछ स्कूल व आंगनबाड़ी केंद्रों पर खाने की गुणवत्ता में कमियां पाई गई। हालांकि टीम उन विद्यालयों तक नहीं पहुंच पाई, जहां कई दिन से मिड डे मील नहीं बन पा रहा था। हालांकि विभाग का दावा है कि ढूंढने पर भी ऐसे स्कूल नहीं मिला। जबकि शिवदासपुर तेलीवाला, गाड़ोवाली सहित कई गांवों के प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में सोमवार को भी मध्याह्न भोजन नहीं बना।
सरकारी स्कूलों में मिड डे मील की गुणवत्ता को लेकर अक्सर शिकायतें उठती रहती हैं। स्कूलों में कई बार मध्याह्न भोजन अलग-अलग कारणों से बन ही नहीं पाता है। वहीं स्कूलों में मिड डे मील की गुणवत्ता जांचने के लिए सोमवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधि अखिल कुमार जैन हरिद्वार पहुंचे। जिला पूर्ति अधिकारी राहुल शर्मा व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ उन्होंने औरंगाबाद सहित कई प्राइमरी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिड डे मील का जायजा लिया।
विभाग के मुताबिक इन सभी स्कूलों व आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिड डे मील बनता मिला। सूत्र बताते हैं कि डिमांड समय से नहीं भेजने और भोजन की गुणवत्ता खाद्य सुरक्षा अधिनियम के मानकों पर खरा न उतरने की बात सामने आई है। इसकी रिपोर्ट आयोग के प्रतिनिधि नई दिल्ली सौंपेगे।
उधार के चावल से बन रहा भोजन
विभाग को ढूंढने से भी ऐसे स्कूल नहीं मिल पा रहे हैं, जहां मिड डे मील नहीं बन पा रहा है। जबकि धनौरी क्षेत्र के शिवदासपुर तेलीवाला में प्राइमरी स्कूल नंबर एक में मिड डे मील उधार के चावलों से बन रहा है। वहीं स्कूल नंबर दो में तो एक पखवाड़े से मध्याह्न भोजन बना ही नहीं है। स्कूल के शिक्षकों की मानें तो कई मर्तबा विभाग को इस बाबत सूचना भी दी जा चुकी है। वहीं बहादराबाद ब्लॉक के गाड़ोवाली गांव के राजकीय प्राइमरी स्कूल व जूनियर स्कूल में भी करीब 10 दिन से मिड डे मील नहीं बन पाया है। हालांकि डीईओ बेसिक जगमोहन सोनी का कहना है कि इस बारे में मिड डे मील प्रभारी दीपक पंवार को निर्देशित कर दिया गया है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधि के साथ कई स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों पर मिड डे मील की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया है। लगभग सभी जगह मिड डे मील बनता मिला। आयोग के प्रतिनिधि को मिडडे मील के राशन वितरण से जुड़ी पूरी व्यवस्थाओं से अवगत कराया गया है।- राहुल शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी हरिद्वार
अभी तक ऐसा कोई स्कूल सामने नहीं आया है, जहां मिड डे मील नहीं बन पा रहा है। यदि कहीं कोई दिक्कत आ रही है तो उसे दूर कर लिया जाएगा।- जगमोहन सोनी, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक हरिद्वार