हरिद्वार। चढ़ते पारे ने जिले के कई क्षेत्रों में पानी का संकट बढ़ा दिया है। शहर से देहात तक कहीं न कहीं प्रतिदिन लोग इसे समस्या से जूझ रहे हैं। शनिवार को हरिद्वार की कई कालोनियों में पेयजल की किल्लत बनी रही। कई इलाके तो ऐसे हैं जहां हैंडपंप भी खराब पड़े हुए हैं। जिन विभागीय अधिकारियों को इस संकट से निजात दिलाने की जिम्मेदारी दी गई है वह चढ़ते पारे में भी गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। लेकिन शासन की ओर से गंभीरता दिखाने पर अब जिला प्रशासन प्रभावित इलाकों को चिह्नित कर समस्या के निराकरण करवाने में जुट गया है।
आधे दिन गहराया रहा पानी का संकट
हरिद्वार। ज्वालापुर में रेलवे स्टेशन के आसपास की एक दर्जन से ज्यादा कालोनियों की 20 हजार से ज्यादा आबादी शनिवार को आधे दिन तक पीने के पानी को तरसती रही। सुबह से गया पानी दोपहर तक भी नहीं आया। जिसकी वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। शुक्रवार देर रात आए अंधड़ के दौरान बिजली जाने से पेयजल आपूर्ति भी बंद हो गई थी। रात करीब 12 बजे बिजली आई। सुबह पानी गायब मिला। लोगों ने जल संस्थान के अधिकारियों को फोन किए तो पानी नहीं आने का कारण तलाशा गया। सहायक अभियंता संजय सैनी ने सहकर्मियों और पार्षद रवि धींगड़ा के साथ मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि बिजली जाने से दोनों ट्यूबवेलों के कनेक्शन उल्टे हो गए थे। जिसके कारण पानी की आपूर्ति बाधित हो गई थी। तकनीकी खामी को दूर कराकर पेयजल की आपूर्ति बहाल कराई गई। क्षेत्रवासी प्रवीण कुमार, रामचंद्र मल्होत्रा, रंजन माहेश्वरी, विक्की तनेजा आदि ने क्षेत्र में एक और ट्यूबवेल लगवाने की मांग की है।
हैंडपंप ठीक न करने पर आंदोलन को जताया
पथरी। क्षेत्र के अधिकतर सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं। लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। बारिश न होने की वजह से जलस्तर घटने से ग्रामीणों के निजी सबमर्सिबल भी सूखने लग गए हैं। ग्रामीणों ने डीएम व जल संस्थान से खराब हैंडपंपों को ठीक कराने की मांग की है।
गांव बादशाहपुर में 32 में से 15, बिशनपुर में 18 में से 6, शाहपुर में 19 में से 7, आदर्श टिहरी नगर में 21 में से 8, टिहरी डोब नगर में 17 में से 5, बहादरपुर जट में 28 में से 9, रानीमाजरा में 16 में से 5, पदार्था में 11 में से 4, बाण गंगा में 13 में से 5, धनपुरा में 21 में से 9, फेरूपुर में 17 में से 6, भुवापुर चमरावल में 10 में से 4 सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं। ग्रामीण जिवेंद्र तोमर, दिनेश कुमार, सुरेंद्र सिंह, पूरण सिंह, राजकुमार आदि का कहना है कि यदि सरकारी हैंडपंपों को जल्द ठीक नहीं कराया तो आने वाले दिनों में क्षेत्र में पानी की समस्या और गंभीर हो जाएगी। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता मोहम्मद मिसम का कहना है कि जल्द खराब हैंडपंपों को ठीक कराया जाएगा।
संकट से निजात दिलाने को प्रशासन की कवायद तेज
हरिद्वार। शनिवार सुबह जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ ने बैठक लेते हुए संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पेयजल संबंधित शिकायतों को जल्द दूर करने के निर्देश जारी किए। जल संस्थान के अधिकारियों को उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने को भी कहा। बैठक में जल निगम से कोई अधिकारी नहीं पहुंचने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए एडीएम वित्त को कार्रवाई के निर्देश दिए। कहा कि पेयजल की समस्या के संबंध में बैठक की अगली तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त अभिषेक त्रिपाठी, एसडीएम प्रत्यूष सिंह, मनीष कुमार, एएसडीएम गोपाल सिंह चौहान, एसीएमओ डॉ एचडी शाक्य, आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा कैंतुरा, सहायक अभियंता जल संस्थान सुनील तिवारी आदि मौजूद रहे।
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