हार्दिक ने केंद्र सरकार को घेरा
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गुजरात में पटेल आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व करने वाले हार्दिक पटेल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का नोटबंदी का निर्णय आम आदमी के लिए मुसीबत भरा है। इससे भ्रष्टाचारी मस्त हैं और गरीब त्रस्त है। दो हजार का नोट जारी करना सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा कर रहा है।
इन दिनों कोर्ट के आदेश पर हरिद्वार में निर्वासित जीवन बिता रहे हार्दिक पटेल ने सोमवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए गंगा की दुर्दशा पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि नमामि गंगे योजना सरकारी धन को ठिकाने लगाने का प्रयास है जिसका उदाहरण ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा में गिरने वाले नाले और सीवर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने गंगा स्वच्छता के नाम पर अब तक चार हजार करोड़ रुपये ठिकाने लगा दिए हैं। अपनी भावी योजना के बारे में उन्होंने कहा कि 17 जनवरी से गुजरात में पुन: आरक्षण को लेकर आंदोलन किया जाएगा। आरक्षण की मांग पर उन्होंने कहा कि जिसकी जितनी आबादी है उसकी उतनी हिस्सेदारी होनी चाहिए। हार्दिक पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई किसी बड़े भ्रष्टाचार का षड्यंत्र है। राम मंदिर निर्माण केवल चुनावी जुमला है।
दूसरी तरफ दीप्तानंद अवधूत आश्रम में आयोजित रूद्रमहायज्ञ में शामिल श्रीमहंत राम गिरि, स्वामी रामस्वरूप, महंत विनोद महाराज, महंत चंद्राकांतानंद सरस्वती, साधवी राज गिरि, संत प्रकाशानंद, स्वामी गोपाल, स्वामी ओमस्वरूप आदि से हार्दिक पटेल ने आशीर्वाद प्राप्त किया।