कांग्रेस के कार्यक्रमों में वैसे तो अव्यवस्थाओं का बोलबाला आम बात है लेकिन सोमवार को हुई जनशुभाशीष यात्रा में अनुशासन पूरी तरह तार-तार नजर आया। हर कोई मंच पर चढ़ने को आतुर था। इस कारण मंच कई बार हिलता दिखा। आलम ऐसा था कि एक बारगी तो प्रदेश प्रभारी अंबिका सोनी और मुख्यमंत्री हरीश रावत खुद भी गिरने से बच गए। उन्हें प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय और अन्य साथियों ने संभाला।
मंच से संचालक बार-बार कार्यकर्ताओं को मंच से नीचे उतरने को कहते रहे लेकिन किसी पर कोई फर्क नहीं पड़ा। पंडाल में मंच के इर्द गिर्द ही कार्यकर्ताओं ने ऐसा घेरा डाल दिया कि पीछे कुर्सियों पर बैठे लोग नेताओं को देख ही नहीं पा रहे थे इस पर कई बार कार्यकर्ताओं ने हल्ला भी मचाया लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। मुख्यमंत्री हरीश रावत को खुद भी कहना पड़ा कि जो लोग नेताओं को देख नहीं पा रहे हैं वे सुनकर ही काम चला लें।
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कहीं जोरदार स्वागत कहीं मायूस हुए कार्यकर्ता
जनशुभाशीष यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया। हरकी पैड़ी से शुरू हुई यात्रा में मुख्यमंत्री हरीश रावत और किशोर उपाध्याय भी कोतवाली तक आए। इस दौरान कई जगह यात्रा का स्वागत भी किया गया। राज्य सहकारी संघ के सदस्य अरविंद शर्मा के नेतृत्व में कई कार्यकर्ताओं ने यात्रा का स्वागत किया। पालीवाल धर्मशाला पर दर्जाधारी संजय पालीवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। तोष जैन के नेतृत्व में महेंद्र अरोड़ा, राजेश शर्मा आदि ने स्वागत किया। सेक्टर दो के पास प्रदेश प्रवक्ता फुरकान अली, और पूर्व विधायक रामयश सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान अशरफ अली अब्बासी, विकास सिंह, गुलाम रसूल, सुनील प्रजापति, अनुज चौधरी, कुर्बान अली, सरफराज अहमद, इलियास, सुजाअत अली, शकील ठाकुर विनोद चौहान, मोहम्मद नासिर, अब्दुल वहीद आदि मौजूद रहे।
हरिद्वार कोतवाली के बाद मुख्यमंत्री तो चले गए थे ऐसे में भेल में स्वागत के लिए मंच लगाए बैठे नेताओं को भारी निराशा का सामना करना पड़ा। सेक्टर एक में शिवमूर्ति के पास एससी एसटी प्रकोष्ठ के नेता तीरथ पाल रवि और सीपी सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सुबह से ही अंबिका सेानी और हरीश रावत का स्वागत करने के लिए तैयारी किए बैठे थे लेकिन ये दोनों नेता ही नहीं आए। दोपहर बाद यात्रा लेकर पहुंचे अंशुल श्रीकुंज और अन्य साथियों का स्वगत किया। प्रदेश सचिव महेश प्रताप राणा, नगर अध्यक्ष अशोक उपाध्याय के नेतृत्व में शिवालिक नगर में स्वागत की तैयारी की थी लेकिन मुख्यमंत्री के नहीं आने पर उन्हें भी निराशा हाथ लगी। इस दौरान प्रदीप चौहान, बीएस तेजियान, तेलूराम यशवंत सैनी आदि ने विचार रखे। प्रमोद खारी के नेतृत्व में भी शिवालिकनगर में स्वागत किया।