बुधवार रात करीब 10 बजे भीमगोड़ा में खचाखच भरे रामलीला मैदान में सीता के स्वयंवर की तैयारियां चल रही थीं। तभी रामलीला मंचन के दो जिम्मेदार गुट आपस में उलझ गए। इससे पहले दर्शक कुछ समझ पाते रामलीला के मंच पर दोनों गुटों में महाभारत शुरू हो गया।
मंच पर ही शुरू हुई मारपीट के बीच जनक, रावण, सीता, विश्वामित्र, वशिष्ठ और कई प्रांतों के राजा-महाराजाओं का रूप धरे कलाकारों को भाग कर अपनी जान बचानी पड़ी। हो-हल्ला इतना था कि रावण की दमदार आवाज भी गुम हो गई। दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चलने लगे।
पुलिस मौके पर पहुंची
घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। बावजूद इसके देर रात तक दोनों पक्षों में हंगामा चलता रहा। पुलिस ने बताया कि रामलीला समिति की दो कमेटियों में वर्चस्व ही विवाद का कारण बना। बाद में पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया।
दूसरी ओर पथरी थाना क्षेत्र के बादशाहपुर गांव में भी सीता के स्वयंवर को देखने आए युवक आपस में भिड़ गए। इस दौरान लाठी-डंडे चलने से करीब छह लोग घायल हो गए। हंगामे की सूचना पर पथरी पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक दोनों पक्ष मौके से फरार हो गए।