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रोपवे से आठ मिनट में होंगे हरकी पैड़ी से मां चंडी मंदिर दर्शन

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हरकी पैड़ी से चंडी देवी मंदिर तक बनने वाले रोपवे परियोजना को लेकर हुई जन सुनवाई के दौरान व्यापारियों और सामाजिक संगठनों के लोगों ने कई आशंकाएं जताई हैं। व्यापारियों ने जहां इससे उनका व्यापार चौपट होने की बात कही तो सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों ने पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर चिंता जताई। जिला प्रशासन और उत्तराखंड मेट्रो रेल अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कारपोरेशन लिमिटेड (यूकेएनआरसी) के अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि पर्यावरण को हुए नुकसान के बदले में उसकी भरपाई कराई जाएगी। रोपवे बनने से यात्रियों को लाभ मिलेगा और केवल आठ मिनट में लोग हरकी पैड़ी से चंडी देवी मंदिर पहुंच सकेंगे।
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मालूम हो कि हरकी पैड़ी से चंडी देवी मंदिर तक रोपवे निर्माण प्रस्तावित है। इस परियोजना को काम करने से पहले जन सुनवाई हो रही है। शुक्रवार को मेला नियंत्रण भवन सभागार में जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय ने परियोजना को लेकर लोक सुनवाई की। जन सुनवाई के दौरान कारपोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि रोपवे के संचालित होने से मात्र आठ मिनट में हरकी पैड़ी से श्रद्घालु मां चंडी देवी मंदिर में पहुंच सकेंगे। इससे वह श्रद्घालु भी आसानी से चंडी देवी मंदिर पहुंच सकेंगे, जो समय के अभाव और अन्य परेशानियों के कारण नहीं जा पाते हैं। इस परियोजना के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। बेहतर कनेक्टिविटी होने से राज्य में पर्यटन की वृद्धि होगी। स्वीकृत मिलने के बाद 24 महीने में रोपवे बनाकर तैयार कर दिया जाएगा।
मां मनसा व्यापार मंडल के अध्यक्ष मनोज विश्नोई, व्यापार मंडल के जिला मंत्री संजय त्रिवाल ने व्यापारियों की तरफ से अपना पक्ष रखते हुए कहा कि रोपवे परियोजना से हरकी पौड़ी व आसपास स्थित व्यापारियों के व्यापार पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। व्यापारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मनमानी करके रोपवे का काम शुरू करने का प्रयास किया गया तो वह हाईकोर्ट जाएंगे। उधर, चंडी देवी मंदिर के राजकुमार मिश्रा ने कहा कि परियोजना में यदि पेड़ कटते हैं तो उसकी जगह अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाएं। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी पक्षों को सुनने के बाद रोपवे परियोजना के संबंध कोई निर्णय लिया जाएगा। जन सुनवाई में यूकेएनआरसी के डीजीएम (सिविल) जयनंदन सिंहा, महाप्रबंधक (सिविल) डॉ. राघवेंद्र शरण दुबे, दीपक कुमार जैन, सुभाष चंद, पारस बौंठियाल, मानव शर्मा, जेपी बडोनी, आदित्य, सोनम रावत, अजयबीर सिंह नेगी, लक्ष्मण सिंह रावत, चंदन सिंह, भगवानसिंह, अरविंद नेगी, राकेश सिंह, गौरव जोशी आदि मौजूद रहे।
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रोपवे निर्माण में 38 पेड़ों की चढ़ेगी बलि
हरिद्वार। हरकी पैड़ी से मां चंडी देवी मंदिर तक जाने वाले रोपवे को बनाने के लिए 38 पेड़ काटे जाएंगे। लेकिन कोई परिवार प्रभावित नहीं होगा। कारपोरेशन के अधिकारियों का दावा है कि रोपवे से वायु प्रदूषण भी नहीं होगा।
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ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने और वन संपदा नष्ट की योजना
लोक सुनवाई के दौरान समाजसेवी जेपी बडोनी ने कहा कि हरकी पैड़ी से मां चंडी देवी मंदिर तक प्रस्तावित रोपवे से कोई फायदा नहीं होगा। बल्कि यह योजना ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने और वन संपदा को नष्ट करने के लिए बनाई गई है। उन्होंने कहा कि पहले पर्यावरण को बचाने के लिए वन संपदा को हुए नुकसान की भरपाई के लिए पौधरोपण और पार्क तैयार करने के दावे किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 में अलकनंदा होटल से मेला नियंत्रण भवन तक पार्क बनाए जाने का प्रस्ताव दिया था। क्योंकि अलकनंदा होटल बनने से पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचा था। आज तक कुछ नहीं हुआ। ऐसे ही बाद में कुछ नहीं होता, केवल पर्यावरण को भारी हानि हो जाती है। उन्होंने रोपवे योजना का विरोध किया। जिस पर जिलाधिकारी ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह अलकनंदा से मेला नियंत्रण भवन तक पार्क का निर्माण करवाएंगे।
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एक दिन में निकलेगा 435 किलोग्राम सॉलिड वेस्ट
रोपवे का निर्माण करने वाले कारपोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि रोपवे के संचालन के शुरू होने से हर दिन सॉलिड वेस्ट निकलेगा। जिसका निस्तारण उपयुक्त तरीकों से किया जाएगा। जिलाधिकारी ने भी कारपोरेशन के अधिकारियों को सॉलिड वेस्ट के निस्तारण के लिए ठोस योजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
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यह है परियोजना
उत्तराखंड सरकार की ओर से हरकी पैड़ी क्षेत्र से चंडी देवी तक रोपवे बनाने की योजना है। सरकार ने योजना को धरातल पर उतारने के लिए (यूकेएनआरसी) कारपोरेशन को कार्यदायी संस्था बनाया है। हरकी पैड़ी से चंडी देवी मंदिर तक 2.03 किलोमीटर रोपवे बनाया जाना प्रस्तावित है।
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