हरिद्वार। धनौरी से रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ के बच्चों को देहरादून चिड़ियाघर में भेज दिया गया है। चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर में उन्हें रखने के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से वन विभाग ने यह निर्णय लिया। उधर, क्षेत्र के लोगों में अभी भी मगरमच्छ के न मिलने से दहशत का माहौल बना हुआ है।
धनौरी में बंद पड़ी पुरानी गंगनहर में लंबे समय से मगरमच्छ देखे जा रहे हैं। मगरमच्छ दिखाई देने से लोगों में भय का माहौल पैदा हो जाता है। स्थानीय लोग मगरमच्छों को पकड़कर बाहर ले जाने की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अभी तक वन विभाग उन्हें नहीं पकड़ सका है, जिससे लोगों में रोष है। शनिवार को धनौरी पुल के नीचे सुबह के समय मगरमच्छ के 12 बच्चे और चार अंडे मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया था। मगरमच्छ के बच्चों को देखने के लिए पुल पर राहगीरों का तांता लग गया था। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मगरमच्छ के अंडे और बच्चों को रेस्क्यू कर चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भिजवा दिया था। मगरमच्छ का काफी तलाश करने के बाद भी कोई पता नहीं चल सका था। डीएफओ नीरज कुमार शर्मा ने बताया कि पकड़े गए बच्चों को चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर लाया गया था। बच्चे मुश्किल से दो से तीन दिन के होंगे। इतने छोटे बच्चों को चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर में रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, इसलिए इनको देहरादून के चिड़ियाघर में भेज दिया गया है। वहां बड़े मगरमच्छ होने के साथ ही उन्हें सुरक्षित रखने की सभी प्रकार व्यवस्थाएं हैं।