रोशनाबाद। सात वर्षीय नाबालिग के साथ दुराचार करने के बाद उसकी ईंटों से पीटकर हत्या करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट अर्चना सागर ने आरोपी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 60 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये आर्थिक सहायता दिलाने के भी आदेश दिए।
शासकीय अधिवक्ता आदेश चंद चौहान ने बताया कि एक व्यक्ति ने 21 जून 2017 को लक्सर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी सात साल की बेटी घर से तीन वर्षीय भाई के साथ पकौड़ी लेने गई थी। कुछ देर बाद उनका लड़का घर अकेला आया। उसने बताया कि बहन को कोई अपने साथ पकड़ कर ले गया है। बाद में एक व्यक्ति ने सूचना दी थी कि पीड़िता लहूलुहान हालत में आंगनबाड़ी केंद्र के खंडहर में पड़ी है। जब परिजन मौके पर पहुंचे तो उन्हें पीड़िता का शव पड़ा मिला। पीड़िता की ईंटों से पीट पीट कर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने जांच के बाद इस मामले में गुलसनव्वर उर्फ भूरा पुत्र शरीफ अहमद निवासी ग्राम मोहम्मदपुर लक्सर को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ न्यायालय में हत्या दुष्कर्म व पोक्सो एक्ट की धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किए थे। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों के साक्ष्यों पर गौर करने तथा बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी गुलसनव्वर उर्फ भूरा को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 60 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।