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संस्कृत ज्ञान और विज्ञान की भाषा : रतूड़ी

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उत्तराखंड संस्कृत अकादमी द्वारा आयोजित संस्कृत छात्र प्रतियोगिताओं के समापन समारोह में विजेता - फोटो : HARIDWAR
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प्रदेश के संस्कृत शिक्षा सचिव विनोद प्रसाद रतूड़ी ने कहा कि संस्कृत प्राचीनता, शब्द भंडार विशालता की परिचायक हैं। यह न केवल ज्ञान की बल्कि विज्ञान की भी भाषा है। इसके शब्द वैज्ञानिकता के कारण ही अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस आदि कई पाश्चयात देशों ने आज संस्कृत का अध्ययन अनिवार्य कर दिया है। वे उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से आयोजित संस्कृत छात्र प्रतियोगिताओं के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान विजेताओं को पुरस्कृत भी किया गया।
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बुधवार को उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से संस्कृत छात्र प्रतियोगिता का समापन समारोह आयोजित किया गया। समापन कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कृत शिक्षा सचिव विनोद प्रसाद रतूड़ी, उत्तराखंड संस्कृत अकादमी के उपाध्यक्ष प्रो. प्रेमचंद शास्त्री, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुल सचिव गिरीश कुमार अवस्थी ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अकादमी के उपाध्यक्ष प्रो. प्रेमचंद शास्त्री ने कहा कि सीमित क्षेत्र होने के बावजूद संस्कृत विश्व की एकमात्र ऐसी भाषा है जिसके अध्ययन के पश्चात कोई भी व्यक्ति बेरोजगार नहीं रहता है। अतिविशिष्ट अतिथि गिरीश कुमार अवस्थी ने कहा कि संस्कृत की तारीफ तो सभी करते हैं, किंतु जहां संस्कृत की अभिवृद्धि के लिए कुछ कार्य करना हो तो वे मौन साध लेते हैं। अकादमी के सचिव गिरधर सिंह भाकुनी ने कहा कि प्रतियोगिताओं से छात्रों में प्रतिभा का विकास होता है।
इस मौके पर श्रीरामानुज संस्कृत महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश भट्ट, अकादमी के कोषाध्यक्ष कन्हैयाराम सार्की, रोशन लाल, डॉ. नवीन चंद्र पंत, चंद्रशेखर नौटियाल, ऋषिराम बहुगुणा, हरेन्द्र सिंह बिष्ट, शैलेन्द्र डोभाल, डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल, डॉ. कैलाश चन्द्र जोशी, सतीश चंद्र जोशी, हेमचंद्र जोशी, दीपचंद्र जोशी, कैलाश चंद्र पंत, लीला रावत, राधेश्याम, रमा कठैत, मनीषा चंचल, विवेक, कविता, अजय, संतोष, ओमप्रकाश आदि उपस्थित रहे।
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ये विजेता किए गए पुरस्कृत
वरिष्ठ वर्ग के लिए संस्कृत नाटक में डॉयनेस्टी मॉर्डन स्कूल खटीमा, संस्कृत समूह गान में जेसीज पब्लिक स्कूल रुद्रपुर, संस्कृत समूह नृत्य में आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज रुड़की, संस्कृत आशु भाषण में श्रीभगवानदास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय, संस्कृत वाद-विवाद में ब्रिगेडियर विद्याधर जुयाल संस्कृत विद्यालय भुवनेश्वर पौड़ी, श्लोकोच्चारण में श्री दर्शन संस्कृत महाविद्यालय, ऋषिकेश टिहरी गढ़वाल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
कनिष्ठ वर्ग में संस्कृत नाटक में विवेकानंद इंटर कॉलेज अल्मोड़ा, संस्कृत समूह गान में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ऋषिकेश देहरादून, संस्कृत समूह नृत्य में डॉयनेस्टी मॉडर्न स्कूल खटीमा, संस्कृत आशु भाषण में श्रीदर्शन संस्कृत महाविद्यालय, ऋषिकेश टिहरी गढ़वाल, संस्कृत वाद-विवाद में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय वष्टी रुद्रप्रयाग, श्लोक उच्चारण में पंडित गोविंद वल्लभ पंत राजकीय इंटर कॉलेज ऊधमसिंह नगर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सभी प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के कारण वरिष्ठ वर्ग में जिला हरिद्वार को वैजयंती पुरस्कार तथा जनपद ऊधमसिंह नगर को उप वैजयंती ट्राफी प्रदान की गई। कनिष्ठ वर्ग में जनपद ऊधमसिंह नगर को वैजयंती पुरस्कार व जनपद अल्मोड़ा को उप वैजयंती ट्रॉफी मिली। संस्कृत नाटक अभिनय के कनिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ छात्र हर्षित भट्ट तथा सर्वश्रेष्ठ छात्रा खुशी पाठक डॉयनेस्टी माडर्न गुरुकुल एकेडमी खटीमा को व संस्कृत नाटक अभिनय वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ छात्र अवनीश डिमरी श्रीदर्शन संस्कृत महाविद्यालय ऋषिकेश, टिहरी गढ़वाल एवं सर्वश्रेष्ठ छात्रा कुमारी वेदिका, कन्या गुरुकुल विद्यालय, देहरादून को सम्मानित किया गया।
ये रहे निर्णायक
अंतिम दिन डॉ. उमादत्त भट्ट, डॉ. उमेश प्रसाद बहुगुणा, डॉ. वाजश्रवा आर्य, डॉ. कमलेश शक्ला, डॉ. प्रकाशचन्द्र पंत, डॉ. कंचन तिवारी, वर्षा गौनियाल, दिनेश पाठक ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
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