मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपनी सरकार को हर वर्ग के प्रति जवाबदेह बताते हुए कहा कि वन गुर्जरों के कल्याण के लिए और कल्याणकारी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होने लालढांग को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही।
मुख्यमंत्री बुधवार को ग्राम गैंडीखाता गुर्जर बस्ती में आयोजित वन गुर्जर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जल्दी ही वन गुर्जरों को दी गई जमीन का मालिकाना हक दिया जाएगा। ताकि वे बैंक से जमीन के ऊपर अपना कृषि कार्ड बनवाकर कृषि लोन ले सकें। वन गूर्जरों को जो मवेशी अधिकार दिए गए थे वे भी बने रहेंगे। जंगल में वन गुर्जरों को हरे चारे की व्यवस्था रहेगी। इस मौके पर अनुपमा रावत, पूर्व विधायक अंबरीष कुमार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राव आफाक, रोशनदीन, इरशाद अली, जितेंद्र पोखरियाल, दीपक जखमोला, मोहम्मद रफी, असलम खटाना, राजीव चौधरी,आदि लोग उपस्थित रहे। क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य सुखविंद्र कौर और उनके पति गुरजीत सिंह लहरी की गैर मौजूदगी चर्चा का विषय बनी रही। लहरी का कहना है कि उन्हें कार्यक्रम की सूचना नहीं दी गई थी