जिला अस्पताल में 12 जुलाई को एक साल के मासूम बेटे को लावारिस छोड़ने वाली महिला पंजाब की है। शराब पीने की आदी महिला को यह तक याद नहीं है कि उसने बेटे को आखिरी बार कब देखा था। यही नहीं महिला की तीन साल की बेटी कुछ दिन पूर्व ग्वालियर मध्यप्रदेश में जीआरपी को लावारिस अवस्था में मिली थी। बेटी के संबंध में भी उसे कुछ दूर दूर तक याद नहीं है। स्थानीय पुलिस की सूचना पर महिला के परिजन पंजाब से यहां पहुंच रही है, उसी के बाद ही पूरे मामले की हकीकत सामने आ सकेगी।
हरिद्वार कोतवाली पुलिस की मानें तो 11 जुलाई की देर रात शराब के नशे में भर्ती हुई महिला अपने मासूम बेटे को छोड़कर चली गई थी। स्थानीय पुलिस ने बाल कल्याण समिति को सूचना दी थी और फिर मासूम को श्यामपुर क्षेत्र के श्रीराम आश्रम के सुपुर्द कर दिया गया था। इधर, स्थानीय पुलिस महिला की खोजबीन में जुटी थी। मंगलवार की देर रात स्थानीय पुलिस को एक वीडियो मिली। वीडियो में दिख रही महिला एवं जिला अस्पताल में बेटे को छोड़कर चली गई महिला का हुलिया मेल खा रहा था। रात भर पुलिस इधर उधर दौड़ती रही लेकिन महिला का अता पता नहीं चल सका। बुधवार सुबह एसआई राकेश खंडूड़ी को महिला को विष्णुघाट के पास मिल गई।
हरिद्वार कोतवाली लाकर जब महिला से बातचीत की गई तो वह बेटे के संबंध में पूछने पर फफक पड़ी। तब पुष्टि हुई कि इसी महिला ने अपने बेटे को जिला अस्पताल में छोड़ा था लेकिन उसे इस बारे में कुछ भी याद नहीं है। पूछताछ में महिला ने अपना नाम ज्योति (25) पत्नी बबलू निवासी मलेरकोटला सिटी संगरूर पंजाब बताया। कबूला कि नशे की वह आदी है और पंद्रह दिन पूर्व अपने घर से चली आई थी। उसके बेटे का नाम देवा उर्फ बंसू एक साल है और तीन साल की बेटी तन्नू है। कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि महिला की बेटी को कुछ दिन पूर्व ग्वालियर मध्यप्रदेश पुलिस ने बरामद किया था, उनसे संपर्क हो गया है। महिला के परिजन यहां पहुंच रहे हैं। श्रीराम आश्रम में रह रहे मासूम को परिजन के ही सुपुर्द किया जाएगा।