अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा देश के करीब 100 तीर्थों पर उन असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करेगी, जो पुरोहितों की आड़ में तीर्थ पुरोहितों को बदनाम कर रहे हैं। महासभा फर्जी संगठनों के खिलाफ भी सख्त कदम उठा रही है। महासभा की सदस्य संख्या बढ़ाने के लिए सभी तीर्थों पर विधिवत अभियान शुरू किया जाएगा।
अखिल भारतीय महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीकांत वशिष्ठ ने शनिवार को गंगा सभा कार्यालय में पत्रकार वार्ता में कहा कि हाल ही संपन्न महासभा के राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित प्रस्तावों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सबसे बड़ी शिकायत उन तत्वों से है जो पुरोहितों नाम की आड़ लेकर समूचे पुरोहित समाज को बदनाम कर रहे हैं। दुर्भाग्य से ऐसे पुरोहितों की संख्या हरिद्वार में कम नहीं है। इस तीर्थ पर तो कई राज्यों से आए धोतीधारी स्वयं को तीर्थ पुरोहित बताकर रोड़ी बेलवाला घाट, सिंहद्वार घाट, बिरला घाट, विश्वकर्मा घाट, सर्वानंद घाट आदि पर यात्रियों को धोखा देकर ले जाते हैं और कर्मकांड करा देते हैं। ऐसे तत्वों की सूचना न केवल पुलिस को दी जाएगी, अपितु पुरोहित महासभा और गंगा सभा मिलकर इन तत्वों को घाटों से खदेड़ेगी। उन्होंने बताया कि हरिद्वार सहित कई तीर्थों पर पुरोहितों के नाम पर अनेक फर्जी संगठन चल रहे हैं। इनके विरुद्ध भी शासन को जानकारी प्रदान की जाएगी।
राष्ट्रीय महामंत्री श्रीकांत वशिष्ठ ने बताया कि महासभा ने समूचे देश को आठ जोन में विभक्त किया है। प्रत्येक जोन से कुछ तीर्थ जोड़े गए हैं। तीर्थों को लेकर क्षेत्रीय समितियों का गठन भी किया जा चुका है। ये सभी समितियां एक जनवरी से सक्रिय हो जाएंगी। तीर्थों की समस्याओं से महासभा को बराबर अवगत कराया जाता रहेगा। उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में दिल्ली के विज्ञान भवन में होने वाले पुरोहित महासभा के महासम्मेलन के लिए व्यापक तैयारियां शुरू की जा चुकी हैं। इस संबंध में दिल्ली में रहने वाले पुरोहित परिवारों के हजारों सदस्यों का भी सहयोग मिलेगा। विज्ञान भवन सम्मेलन की तिथियां अगले माह तय कर दी जाएंगी। फिर अपनी समस्याओं को लेकर पुरोहित समाज जंतर मंतर से लोकसभा तक मार्च भी निकालेगा।