‘कत्ल ए हुसैन असल में मर्गे यजीद है, इस्लाम जिंदा होता है हर कर्बला के बाद‘ हजरत इमाम हुसैन की याद में निकाले गए ताजिये इन्हीं जज्बातों और ‘हक हुसैन-या हुसैन‘ की सदाओं के बीच देर रात सुपुर्द ए खाक कर दिए गए। मोहर्रम की 10 तारीख पर बुधवार को दिनभर लंगर बांटे गए। रोजा रखकर व कुरआन की तिलावत करते हुए इबादत की गई। अखाड़ों में नौजवानों ने अपना हुनर बखूबी दिखाया।
पैगंबर मोहम्मद साहब की नाती और इस्लाम धर्म के चौथे खलीफा हजरत अली के बेटे हजरत इमाम हुसैन ने मोहर्रम माह की 10 तारीख को कर्बला की जंग में शहादत पाई थी। उनकी याद में हर साल ताजिये निकाले जाते हैं। ज्वालापुर सहित आसपास के देहात में निकाले गए ताजियों को पूरी अकीदत के साथ बुधवार को सुपुर्द ए खाक कर दिया गया। दिन भर लंगर बांटकर कर्बला के शहीदों को याद किया गया। इशा की नमाज के बाद कैथवाड़ा, कोटरवान, तेलियान, मालियान आदि से सभी ताजिये बाबा रोशन अली मजार चौक पर इकट्ठा हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में ताजियों का कारवां अहबाबनगर कर्बला के लिए रवाना हुआ। देर रात फातिहाख्वानी के बीच ताजिये सुपुर्द ए खाक कर दिए गए। कैथवाड़ा में खलीफा छम्मन पीरजी, खलीक मंसूरी, गुलफाम मंसूरी, ग्यास मंसूरी, शराफत मंसूरी आदि की अगुवाई में ताजिया व अखाड़ा संपन्न हुआ। अखाड़ा इमदाद खां में उस्ताद इकराम खान, खलीफा सुलेमान खां, फकीरा खान, साजिद अली आदि की सरपरस्ती में युवाओं ने करतब दिखाए। कोटरवान में साबरी अंजुमन कमेटी ने इस बार भी शानदार ताजिया बनाया। कमेटी सदर इनाम साबिर के साथ सरफराज खान, फिरोज खान, खत्ताब खान ने महीने भर में कड़ी मेहनत कर लगभग 50 हजार की लागत से ताजिया बनाया। तेलियान में अखाड़ा अंजुमन कमेटी के शमीम अहमद, सरफराज मलिक, आसिफ, हुसैन अली, तौकीर आदि ने मिलकर ताजिया बनाया।
इनके पास ही गुलजार, फुरकान, शानू, हारून अंसारी, सुहेल साबरी, मंसूर अंसारी आदि ने ताजिया निकाला। पीरजी वाली गली में इरफान पीरजी, शादाब, महताब, सलीम, उमरदराज सहित अर्श, शानू, सुहेल, अमन आदि नन्हे मुन्नों ने मिलकर इमाम हुसैन की याद में ताजिया बनाया। मैदानियान, घोसियान, तेलियान, लोधामंडी आदि मौहल्लों में भी ताजिये निकाले गए। इस दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
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रोशन अंजुमन कमेटी ने बांटा लंगर
हरिद्वार (ब्यूरो)। बाबा रोशन अली मजार चौक पर इस साल भी रोशन अंजुमन कमेटी की ओर से लंगर का आयोजन किया गया। पारंपरिक तरीके से आयोजित हुए नान और दाल के लंगर में हिंदू मुस्लिम सभी धर्म के लोग अकीदत के साथ शामिल हुए। हाजी शाहबुद्दीन अंसारी की अगवाई में फुरकान अंसारी, आदिल अंसारी, मोहसिन अंसारी, मुजम्मिल, जावेद पीरजी, शाहवेज आलम, अजमत अल्वी, मोमिन अंसारी आदि ने लंगर में सहयोग किया और शानदार ताजिया भी निकाला। हाजी शाहबुद्दीन अंसारी ने बताया कि लंगर का आयोजन कई दशकों से किया जाता है।
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देहात में भी निकले ताजिये
हरिद्वार। ज्वालापुर के अलावा देहात में भी मौहर्रम के मौके पर ताजिये निकाले गए। गढ़मीरपुर, राजपुर, पूरणपुर, दादूपुर गोविंदपुर, सलेमपुर आदि में मातमी जुलूस के साथ ताजिये सुपुर्द ए खाक कर दिए गए। गढ़मीरपुर में बड़ी संख्या में बड़े और छोटे ताजिये निकाले। सदर मोअज्जम अली, मियां गुलाम साबिर, उस्ताद इंतजार, राव तजम्मुल, वसीम अब्बासी, इनाम साबिर, दिलदार अब्बासी, महताब अब्बासी, हुसैन, दानिस, अमीर खान, सलमान आदि ने अखाड़ा खेला।