सावन मास की कांवड़ यात्रा का चरमकाल प्रारंभ हो गया है। शुक्रवार को 15 लाख से अधिक शिवभक्तों ने कांवड़ उठाई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा से करीब 20 लाख कांवड़िए हरिद्वार पहुंचे। सुबह से ही बम-बम बोले के जयकारे से गूंज रही नगरी में मुख्य मार्ग कांवड़ियों से खचाखच भरे रहे।
अब लगभग तमाम वापसी हरकी पैड़ी से अपर रोड के रास्ते होने लगी है। बुलंदशहर, आगरा, अलीगढ़, एटा, मैनपुरी, इटावा, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा आदि से बड़ी संख्या में शिवभक्तों का आगमन हो रहा है। हरियाणा के पानीपत, सोनीपत, रोहतक, गुडग़ांव, फरीदाबाद, अंबाला आदि इलाकों से लगातार कांवड़िए पहुंच रहे हैं और लौट रहे हैं।
यमुनानगर जनपद से तो हर गांव से शिवभक्त हरिद्वार पहुंच रहा है। दिल्ली से आई कांवड़ियों की आखिरी भीड़ शुक्रवार शाम रवाना हुई। पुलिस पैदल कांवड़ियों को नहर पटरी पर ही चला रही है। कई स्थानों पर कांवड़ियों ने नहर किनारे लगाई टीनशेड की दीवार तोड़कर हाईवे पर आने का भी प्रयास किया।
इसको लेकर इनकी पुलिस से जगह-जगह नोकझोंक भी हुई। लेकिन पुलिस प्रशासन ने सभी को समझाबुझाकर पटरी से होकर भेजा। प्रशासन के मुताबिक शुक्रवार शाम तक हरिद्वार में करीब 90 लाख कांवड़िए पहुंच चुुके हैं। 5362 बड़े कांवड़ वाहन, 8870 छोटे वाहन और 7140 दुपहिया वाहन हरिद्वार आ चुके हैं।