राजाजी टाइगर रिजर्व एवं पार्क में सैलानी आज से फिर जंगल सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे। पर्यटकों के बीच मशहूर चीला रेंज के साथ ही पार्क की सभी नौ रेंजों और एक यूनिट के गेट सोमवार से खोल दिए जाएंगे। आशारोड़ी में वन मंत्री सफारी का शुभारंभ करेंगे। जंगल सफारी शुरू होने से जहां जिप्सी चालकों को रोजगार मिलेगा तो वहीं देश-विदेश के पर्यटक तरह-तरह के जंगली जानवरों का दीदार कर सकेंगे।
मानसून शुरू होने के साथ हर साल 15 जून को राजाजी टाइगर रिजर्व के गेट सैलानियों के लिए बंद कर दिए जाते हैं और फिर पांच महीने बाद 15 नवंबर को खोले जाते हैं। मगर, इस साल चीला रेंज की अंधेर बीट में एक सितंबर को ही सालभर के लिए जंगल सफारी शुरू कर दी गई थी। एक अक्तूबर से पार्क प्रशासन ने चीला रेंज में भी जंगली जानवरों का दीदार शुरू करा दिया था। मगर, कुछ दिनों बाद बिना अनुमति लिए राजाजी टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी शुरू करने पर राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने कड़ी आपत्ति जताई थी।
आठ अक्तूबर को प्राधिकरण ने जंगल सफारी के लिए खोले गए गेटों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए थे। इसके बाद पार्क प्रशासन ने जंगल सफारी पर रोक लगा दी थी। अब सोमवार से जंगल सफारी के लिए राजाजी टाइगर रिजर्व एवं पार्क के गेट दोबारा खुलने से जा रहे हैं। पार्क के निदेशक डीके सिंह ने बताया कि सोमवार को शाम तीन बजे राजाजी के गेट खोलने का शुभारंभ आशारोड़ी में वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत करेंगे। यहां शुभारंभ होने के साथ ही सभी गेट खोलकर पर्यटकों के लिए जंगल सफारी शुरू करा दी जाएगी।
ये हैं पार्क की रेंज और यूनिट
हरिद्वार, चिल्लावाली, धौलखंड, बेरीवाड़ा, मोतीचूर, कांसरो, रामगढ़, चीला, गौहरी रेंज और रवासन यूनिट।
ऑफलाइन ही होगी बुकिंग
चीला रेंज के रेंजर अनिल पैन्यूली ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा फिलहाल शुरू नहीं हो सकी है। इसलिए पर्यटकों को गेट पर आकर जंगल सफारी के लिए बुकिंग करानी पड़ेगी। जंगल सफारी दो पालियों में होंगी। सुबह सात से दस बजे तक पहली पाली के लिए एंट्री मिलेगी। दूसरी पाली के लिए दो से साढ़े तीन बजे तक का समय निर्धारित है।
जंगल सफारी के लिए ये है शुल्क
पार्क प्रशासन की ओर से चीला रेंज में जंगल सफारी के लिए 250 रुपये प्रति जिप्सी का एंट्री शुल्क और प्रति व्यक्ति 150 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। विदेशी पर्यटकों के लिए गाड़ी का एंट्री शुल्क 500 रुपये और प्रति व्यक्ति 600 रुपये एंट्री शुल्क है। जिप्सी का शुल्क 2100 रुपये अलग से देना पड़ेगा। एक जिप्सी में चार लोग सफारी कर सकते हैं। हरिद्वार रेंज में मिनी बस की व्यवस्था भी है, लेकिन फिलहाल टाइगर ट्रांसलोकेट के दौरान बस को मोतीचूर रेंज में भेजा गया है। रेंजर महेंद्र गिरी ने बताया कि हरिद्वार रेंज की ओर से डिमांड आने पर मिनी बस को लौटा दिया जाएगा। हरिद्वार के रेंजर विजय कुमार सैनी ने बताया कि जंगल सफारी के लिए मिनी बस का किराया दो हजार रुपये है।
एनटीसीए के डीजी ने परखी बाघ मॉनीटरिंग व्यवस्था
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क पहुंचे राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के महानिदेशक ने बाघों की मॉनीटरिंग व्यवस्था परखी। इस दौरान उन्होंने फ्रंट लाइन वर्करों को सम्मानित भी किया।
रविवार सुबह चिल्लावाली रेंज पहुंचे एनटीसीए के महानिदेशक सुुभाष कुमार ने जिम कार्बेट पार्क से लाकर छोड़े गए बाघ और बाघिन की मॉनीटरिंग की समीक्षा। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाघों की निगरानी में कोई लापरवाही न की जाए। वन कर्मचारी भी सतर्कता के साथ गश्त करते हुए बाघों की सुरक्षा में लगे रहें। उन्होंने टूरिस्टों के लिए बनाए गए ट्रेक की मरम्मत का कार्य भी देखा। निर्देश दिए कि मरम्मत में गुणवत्ता वाली सामग्री लगाई जाए।
जंगल में जानवरों के स्नान और पानी पीने के लिए बनाए गए वाटर हॉल और छोटे-छोटे तालाबों का भी उन्होंने मुआयना किया। कहा कि तालाबों में हर समय पानी की उपलब्धता बनी रहनी चाहिए ताकि जंगली जानवर पानी के अभाव में आबादी की तरफ रुख न करें। इस दौरान उन्होंने रेंज के फ्रंट लाइन वर्करों को शुद्ध पानी पीने के लिए वाटर प्यूरीफायर उपलब्ध कराया। करीब दो घंटे के बाद वह देहरादून लौट गए। इस मौके पर मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक जेएस सुहाग, राजाजी टाइगर रिजर्व के डायरेक्टर डीके सिंह, धनंजय मोहन, रेंजर अनुराग शर्मा मौजूद रहे।