जोगेंद्र सिंह मावी
हरिद्वार। पतित पावनी के प्रति आस्था केवल भारतीयों में नहीं, वरन सात समुंदर पार रहने वाले विदेशियों में भी है। तभी तो दिल्ली में एक कांफ्रेंस में पहुंचे जापान के तीन वैज्ञानिकों को मां गंगा हरिद्वार तक खींच लायी। दोनों ने न केवल मां गंगा को स्पर्श कर प्रणाम किया, वरन गंगाजल से आचमन किया। इसके बाद वह काफी देर तक स्नान के साथ-साथ दोनों मां गंगा के आंचल में बैठ गए और जल का आचमन करते हुए अपनी भाषा में आराधना करते नजर आए। जल पीकर बोले गंगा योर वाटर इज हनीडयू (गंगा तेरा पानी अमृत है)।
मंगलवार को यह नजारा था हरकी पैड़ी पर मालवीय घाट का है। जापान के तीन लोग मालवीय घाट पर गंगा पूजन करने पहुंचे। उन्होंने पूछने पर अपने नाम वांग, चांग और हैरूका बताएं। वह जापान की एक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर वैज्ञानिक पद पर कार्यरत है। पूछने पर उन्होंने बताया कि वह दिल्ली में एक कांफ्रेंस में प्रतिभाग कर रहे हैं। पिछले दो दिन से वह मीडिया में गंगा में स्नान की खबरों को देख रहे थे। उन्होंने बताया कि गंगा में भारी संख्या में लोगों को स्नान करते हुए देेखा तो उन्हें भी गंगा के दर्शन करने की इच्छा जागृत हुई और विभागीय अनुमति लेकर हरिद्वार पहुंच गए। जहां उन्होंने गंगा में आचमन किया । उन्होंने बताया कि जापान में गंगा नदी पर चर्चा होती है और भारत देश के इतिहास में गंगा नदी का नाम दर्ज है। जापान में भी बताया जाता है कि भारत के निवासी गंगा को पूजते हैं और जगह-जगह बड़े आयोजन होते हैं। उन्होंने बताया कि यदि भविष्य में फिर से भारत में आए तो गंगा दर्शन को फिर से पहुंचेंगे।