हरिद्वार। बिटिया हम तो बिना टिकट ही आए थे। जेब में पैसे भी नहीं है, अब घर कैसे जाऊंगी। यह कहते कहते 70 वर्ष की रुपरानी की आंखें डबडबा गई। पर, उसे ढांढस बंधाते हुए अर्द्धकुंभ पुलिस ने भरोसा दिलाया कि, वे उन्हें वापस उन्हें घर तक छोड़कर आएंगे। अब बुजुर्ग को मध्यप्रदेश छोड़कर आने की कवायद चल रही है।
सोमवार को मौनी अमावस्या पर एक बुजुर्ग लड़खड़ाते कदम से मेला नियंत्रण भवन पहुंची। उसने बताया कि वो अपने परिचितों के संग गंगा स्नान को आई थी, पर अब बिछुड़ गई हूं। खैर, उसके पास मौजूद आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान रुपरानी पत्नी शिब्बू निवासी चोगी चौकी मार्ग, शिवजी का मंदिर नया पुल के पास अंबेडकर वार्ड जिला सागर मध्यप्रदेश हुई। पुलिस ने काफी प्रयास किए, पर उसके परिजन नहीं मिल पाए। तभी वहां पहुंची अपर पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे की निगाह बुजुर्ग महिला पर पड़ी। उन्होंने पहले महिला की बात सुनी।एएसपी अपने वाहन में बैठाकर बुजुर्ग महिला को शांतिकुंज ले गई। उसे वहां ठहराया। खाना खिलाया। विश्वास भी दिलाया कि, उसे जल्द ही घर भेजा जाएगा।
अपर पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे के मुताबिक खोये या जिन श्रद्धालुओं की जेब कट जाती है, उन्हें उनके घर तक पहुंचाने के लिए जारी फंड से बुजुर्ग महिला को घर तक छोड़कर आएंगे। एक कांस्टेबल ही यहां से बुजुर्ग को घर तक छोड़कर आएगा।