हाईप्रोफाइल हत्याकांड कंबल कारोबारी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी हत्याकांड के खुलासे को लेकर पुलिस पर बेहद दबाव है। हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस का फोकस संपत्ति विवाद पर है।
देर रात घटनास्थल का दौरा करने के बाद एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने हत्याकांड के जल्द खुलासे के निर्देश दिए थे। कंबल कारोबारी हत्याकांड के खुलासे को लेकर पुलिस एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है। कंबल कारोबारी की साझेदारी की संपत्ति और रिश्तेदार के संग शामिल ट्रस्ट को लेकर पुलिस जांच को फोकस कर रही है। हरिद्वार पुलिस की टीम सहारनपुर और दिल्ली के लिए भी रवाना हो गई है। दिल्ली में कंबल कारोबारी के रिश्ते के भाई का ससुराली रहते हैं। वह भी संपत्ति विवाद को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ रहे है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि कंबल कारोबारी हत्याकांड की जांच को चार टीमें गठित की गई हैं। संपत्ति विवाद को भी खंगाला जा रहा है। इसके अलावा कई अन्य पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है।
क्रिमिनल इंटेलिजेंस यूनिट (सीआईयू) ने सोमवार देर शाम ही घटनास्थल पर पहुंचकर सेलसाइड डाटा निकाला है। फिलहाल उस डाटा को खंगाला जा रहा है। वारदात के वक्त कौन-कौन से मोबाइल नंबर उस क्षेत्र के टावर से संचालित हो रहे थे, ये चेक किया जा रहा है। कंबल कारोबारी की फोन कॉल डिटेल रिकार्ड निकाली जा रही है, ताकि कोई क्लू मिल सके।
रंगदारी न देने पर तो नहीं हुई हत्या
हाईप्रोफाइल अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी हत्याकांड में पुलिस को कोई अहम सुराग अभी नहीं मिला है। कोई हत्या के पीेछे संपत्ति विवाद मान रहा है, तो कोई एक करीबी रिश्तेदार का वेस्ट यूपी के एक माफिया डॉन को रंगदारी न देने का ही अंजाम बता रहा है। हालांकि, पुलिस की जांच में ही असल कहानी सामने आ सकती है।
सोमवार देर रात से ही हर किसी के जेहन में एक ही सवाल घूम रहा है कि आखिर भले इंसान की बेरहमी से हत्या क्यों कर दी गई। मृतक की मां सहारनपुर में ही रहती है और कई अन्य रिश्तेदार भी वहीं है। चर्चा ये है कि कंबल कारोबारी के एक नजदीकी रिश्तेदार के बेटे की कुछ समय पहले मौत हो गई थी और फिर रिश्तेदार ने एक ट्रस्ट बनाई। ट्रस्ट में कंबल कारोबारी, उसके छोटे भाई को शामिल किया था, जबकि रिश्तेदार की बहू रही महिला हिस्सा मांग रही थी। इस पहलू पर भी पुलिस जांच में जुटी है। एक बात ये भी सामने आ रही है कि कंबल कारोबारी अपने एक करीबी रिश्तेदार के साथ प्रॉपर्टी डीलिंग में भी हाथ आजमाता था और उसी करीबी रिश्तेदार को वेस्ट यूपी के एक माफिया डॉन ने कॉल कर रंगदारी मांगी थी। चर्चा है कि करीबी रिश्तेदार ने अपने राजनीतिक आका से संपर्क साधा और फिर रंगदारी न देने की बात तय हुई। कही रंगदारी अदा न करने के चलते ही कंबल कारोबारी की हत्या तो नहीं कर गई, ताकि उसके रिश्तेदार को सबक सिखाया जा सके। नगर पुलिस अधीक्षक परमेंद्र डोबाल ने बताया कि पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है।
छोटे भाई को दी सुरक्षा
पुलिस ने कंबल कारोबारी के छोटे भाई आशीष विजय को सुरक्षा उपलब्ध कराई है। एक गनर राउंड द क्लॉक अब छोटे भाई विजय के साथ ही रहेगा।
श्रद्धाजंलि सभा कर गिरफ्तारी की मांग
निर्मला छावनी निवासी कंबल व्यापारी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी की हत्या पर व्यापारियों ने रोष जताते हुए हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग उठाई। उन्होंने मृतक की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखते हुए श्रद्धाजंलि दी।
मंगलवार को खड़खड़ी स्थित कार्यालय पर महानगर व्यापार मंडल हरिद्वार के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी के नेतृत्व में हुई शोक सभा में कहा गया कि व्यापारियों के साथ-साथ कोई भी वर्ग सुरक्षित नहीं है। उन्होंने पुलिस से मांग उठाई कि अमित के हत्यारों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। इस मौके पर शहर अध्यक्ष तेज प्रकाश साहू, विपिन गुप्ता, राजेश सुखीजा, पूरण पांडेय, गौरव गोयल, विक्की तनेजा, विनोद गिरि, पंकज सुखीजा, सचिन चौधरी, कपिल, नीरव साहू, अजय वाधवा, ओमप्रकाश विरमानी आदि शामिल हुए। वहीं, जिला युवा व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष संदीप शर्मा ने भल्ला रोड स्थित विनायक मिश्र धर्मशाला में मृतक दीपक को श्रद्धाजंलि दी। इस मौके पर जोगेंद्र अरोड़ा, सुनील भसीन, योगेंद्र बंसल, बालकृष्ण, गोपाल चौरसिया, हरिशंकर, बिट्टू शर्मा, अमित, मनीष नेगी, राजकुमार चुघ, असीम जोशी आदि शामिल हुए।