- गांव के छात्र की नदी में डूबने से मौत के बाद तेज हुई मांग
- जिला पंचायत सदस्य के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शुरू किया आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
लालढांग। रसूलपुर गांव में रवासन नदी पर झूला पुल निर्माण की मांग को लेकर जिला पंचायत सदस्य बृज मोहन पोखरियाल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने शनिवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पुल की मांग लंबे समय से चली आ रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
तीन सितंबर को लालढांग स्कूल से घर लौट रहे छात्र आर्यन भट्ट की रवासन नदी में डूबने से मौत के बाद पुल निर्माण की मांग ने जोर पकड़ लिया। छह सितंबर को ग्रामीणों ने नदी किनारे धरना देकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद अपर जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर सात दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी।
नौ सितंबर को क्षेत्रीय विधायक अनुपमा रावत के नेतृत्व में भी ग्रामीणों ने धरना दिया था। विधायक ने दस दिन में पुल निर्माण के लिए शासनादेश जारी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी थी।
शनिवार को जिला पंचायत सदस्य बृज मोहन पोखरियाल के नेतृत्व में रसूलपुर और आर्यनगर के ग्रामीण नदी किनारे धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि रसूलपुर में झूला पुल की मांग वर्ष 1977 से चली आ रही है। उस समय गांधी चौक में पांच सूत्रीय मांगों को लेकर हुए अनशन में झूला पुल निर्माण की मांग भी शामिल थी। बृज मोहन पोखरियाल ने कहा कि पुल निर्माण के लिए एनओसी मिल चुकी है।
अब नोटिफिकेशन, धन स्वीकृति, टेंडर और अन्य प्रक्रिया पूरी कर जल्द निर्माण शुरू किया जाना चाहिए। धरनास्थल पर ग्राम प्रधान कमलेश द्विवेदी, दीपक जखमोला, आलोक द्विवेदी, पंकज चमोली, विनोद जोशी, सुरेंद्र रावत, संतराम सिंह, महानंद सिंह, उर्मिला देवी और करुणा देवी आदि मौजूद रहे।