मुस्तफाबाद (पदार्था) में गुर्जर बस्ती में हुई वन गुर्जरों की बैठक में विभिन्न समस्याओं पर पर चर्चा की गई। समस्याओं के निराकरण के लिए शीघ्र ही मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिलने का निर्णय लिया गया।
बैठक में कांग्रेस नेता मोहम्मद अलफदीन ने कहा कि पुनर्वास बस्ती में अधिकांश वन गुर्जरों के परिवारों के रहने के लिए आवास तो हैं शौचालय और पशुओं को रखने की व्यवस्था नहीं है। जिससे कुछ वन गुर्जरों के परिवार दूसरे स्थानों पर रहकर जीवन यापन कर रहे हैं। उप प्रधान यामीन कसाना का कहना है कि खाली पड़े आवासों को सीज करने से पहले राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को उनकी समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। बगैर उनकी समस्या जाने इस तरह मकान सीज करना ठीक नहीं है।
पूर्व प्रधान मोहम्मद मुस्तफा का कहना है कि पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी गुर्जर बस्ती में घरों में भर जाता है। इको विकास समिति के अध्यक्ष अय्यूब ने कहा कि जिन आवासों को सीज किया जा रहा है वह जर्जर हालत में होने के कारण रहने के लायक नहीं है। बैठक में मौजूद राजाजी टाइगर रिजर्व के वन दारोगा भगत सिंह नेगी को वन गुर्जरों ने शौचालय व कैटल सैट की समस्या के बारे में बताया। जिस पर इसका प्रस्ताव विभाग के अधिकारियों को भेजने का आश्वासन दिया गया। नूरआलम, यूसुफ, मोहम्मद अली, मुस्तफा, शफी, जफर अली, कालू, रोशन लोधा, मोहम्मद गुलाम, मोहम्मद अली, गनी आदि वन गुर्जरों ने विचार व्यक्त किए।