हरिद्वार। कुंभनगरी में देश के कई राज्यों के यात्री फंस गए हैं। कोई अस्थि विसर्जन करने आया था तो कोई कर्मकांड करने यहां पहुुंचा था। परेशान यात्री हरिद्वार कोतवाली से लेकर प्रशासनिक अफसरान के कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। यात्रियों की इस दिक्कत के मद्देनजर प्रशासन-पुलिस सभी ने हाथ खड़े कर दिए हैं। इधर, होटल-धर्मशाला एवं लॉज के संचालक भी मानवता को ताक पर रखकर जबरन यात्रियों को बाहर निकालने में जुट गए हैं।
सूबे में 31 मार्च तक लॉकडाउन का सबसे अधिक असर दूसरे राज्यों से आए यात्रियों पर पड़ा है। सोमवार को हरिद्वार कोतवाली, सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय, सीओ सिटी कार्यालय पर सैकड़ों यात्री पहुंचकर गुहार लगाते रहे। हर किसी की एक ही फरियाद थी कि वे अस्थि विसर्जन करने आए थे, या फिर कर्मकांड के मकसद से हरिद्वार पहुंचे थे, लेकिन अब फंस गए हैं। इधर, प्रशासन हो चाहे पुलिस हो हर किसी ने उनकी समस्या का समाधान न होने की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए। इधर, होटल धर्मशाला एवं लॉज संचालक भी जबरन यात्रियों को जबरन बाहर निकाल रहे हैं। इस तरह के मामले जब पुलिस के समक्ष पहुंचे, तब कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी आगे आए। उन्होंने तुरंत पुलिस भेजकर होटल, लॉज एवं धर्मशाला प्रबंधकों को हिदायत दी कि यात्रियों को जबरन निकाला नहीं जाएगा, तब कही जाकर यात्रियों को राहत महसूस हुई। कोतवाली प्रभारी प्रवीण कोश्यारी ने बताया कि सभी होटल और धर्मशाला प्रबंधकों को सहयोग करने के लिए कहा गया है। प्रशासन की ओर से भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं जो भी धर्मशाला प्रबंधक सहयोग नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।