कुंभनगरी में भीख मांगकर गुजर बसर करने वाले लोगोें के लिए पुलिस ने अनोखी पहल शुरू की है। भिक्षा नहीं शिक्षा अभियान के तहत अब बाल भिक्षुओं को शिक्षित करके अपने पैरों पर खड़ा करने की मुहिम शुरू की जाएगी। जवान लोगों को रोजगार दिलाया जाएगा। बृहस्पतिवार को पुलिस ने ऐसे ही कई भिक्षुओं को हरकी पैड़ी क्षेत्र के आसपास से भिक्षुक गृह पहुंचाया।
आमतौर से गंगा घाटों के किनारे भीख मांगने वालों के प्रति लोगों का रवैया ठीक नहीं होता है। कई बार पुलिस भी इस क्षेत्र को भिक्षुक मुक्त बनाने के लिए इन लोगों को जबरन पकड़कर के भिक्षुक गृह में ठूंस देती थी। कुंभ मेला पुलिस ने अब भिक्षुकों के खिलाफ मानवीय तरीके से अभियान शुरू किया है। आज तक जब भी हरकी पैड़ी को भिक्षुक मुक्त बनाने का अभियान चलाया गया है तो इन लोगों को पकड़कर भिक्षुक गृह में दाखिल करने तक ही सीमित रहा है। जिसका परिणाम यह होता है कि पकड़े गए लोग भिक्षुक गृह की अभिरक्षा अवधि खत्म होने के बाद वापस हर की पैड़ी पर आकर भिक्षावृत्ति में लिप्त हो जाते थे। इस बार का अभियान उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के भिक्षा नहीं शिक्षा पहल के तहत चलाया गया। अभियान का नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक कुंभ मेला संजय गुंज्याल को सौंपा गया है। इसके लिए पिछले सप्ताह ही कार्ययोजना बना दी गई थी। जिसके अंतर्गत विभिन्न सरकारी विभागों, धार्मिक एवं समाजसेवी संस्थाओं से तालमेल बनाते हुए भिक्षुकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने पर मंथन हुआ।
-------------
पकड़ने से पहले की गई रेकी
मेला पुलिस ने भिक्षुकों को पकड़ने से पहले उनकी रेकी की थी। उनके रहने और भीख मांगने का स्थान देखा गया। इसके बाद मेला पुलिस की अलग-अलग टीमों के द्वारा हरकी पैड़ी चौकी प्रभारी अरविंद रतूड़ी और उनके स्टाफ की सहायता से हरकी पैड़ी व आसपास के क्षेत्रों भीख मांग रहे 103 भिक्षुकों को लाकर बस, विक्रम, टेंपो से भिक्षुक गृह भेजा गया।
--------------
सेविंग कराई और खिलाया गर्म खाना
कुंभ मेला पुलिस की ओर से पकड़े गए लोगों को रोशनाबाद भिक्षुक गृह ले जाकर उनके बाल कटवाकर उनकी सेविंग कराई गई। इसके बाद गर्म पानी से नहलाया गया। और समाज कल्याण विभाग की तरफ से गरम खाना दिया गया। गरम कपड़े भी बांटे गए।
--------------
15 लोगों को देंगे काम
आईजी कुंभ संजय गुंज्याल ने बताया कि पकड़े गए भिक्षुकों में से जो शारीरिक रूप से सक्षम होंगे उन्हें पुलिस की मेस, पुलिस लाइन और थानों में काम पर रखा जाएगा। पहले ही दिन पंद्रह ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया। इन लोगाें को काम के बदले मानदेय दिया जाएगा।
------------
पढ़ाई के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की ली जाएगी मदद
छोटे बच्चों को शिक्षित करने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद ली जाएगी। स्वयंसेवी संस्थाओं से संपर्क करके जल्द ही बच्चों की पढ़ाई शुरू करवा दी जाएगी।
----------------
अभिरक्षा के रखे बाल भिक्षुकों को शिक्षित किया जाएगा। शारीरिक रूप से सक्षम भिक्षुकों को कोतवाली, थाने, चौकी और पुलिस लाइन में संविदा पर रोजगार दिया जाएगा। इच्छुक भिक्षुकों को हाथ का हुनर वाला काम भी सिखाया जाएगा। ताकि वे भिक्षुक गृह की अभिरक्षा अवधि समाप्त होने के बाद स्वरोजगार भी कर सकेंगे।
- संजय गुंज्याल पुलिस महानिरीक्षक, कुंभ मेला