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किसानों की दोगुनी आय का ख्वाब कैसे होगा पूरा

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केंद्र सरकार की ‘आत्मनिर्भर’ भारत योजना के तहत किसानों की आय दोगुनी करने के लिए बनी केसीसी ऋण स्कीम में काश्तकार दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। बीते साल जिले में 12000 के लक्ष्य में महज 5500 किसानों ने आवेदन किया। इसमें से भी सिर्फ 3830 किसानों को ही योजना का लाभ मिला। इस साल सरकार ने जिले में लक्ष्य को ही घटाकर 4838 कर दिया है।
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गौरतलब है कि आत्मनिर्भर भारत योजना के अंतर्गत राज्य सरकार ने एक जून 2020 को दुधारू पशु पालने वाले किसानों के लिए पशु किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण योजना लांच की थी। डेयरी विकास विभाग के माध्यम से संचालित योजना से पशुपालक किसानों की आय बढ़ाने के लिए ऋण दिया जाना है। शुरूआती साल में सरकार ने हरिद्वार में 12000 किसानों को योजना का लाभ दिए जाने का लक्ष्य रखा। ब्लॉक और गांव स्तर पर कैंप लगाने के बावजूद 5500 किसानों ने ही योजना के लिए आवेदन किया। इसमें से भी 1231 किसानों के फार्म रिजेक्ट कर दिए गए। वहीं 441 अब तक विभिन्न कारणों से लंबित हैं। इस साल सरकार ने विभाग को जिले में 4838 किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक विभाग को केवल 74 आवेदन ही मिले हैं।
समिति में सदस्य, तो ही आवेदन
राज्य सरकार की इस योजना में सिर्फ दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति में पंजीकरण सदस्य को ही ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। आम किसानों से फिलहाल इस योजना को सरकार ने दूर रखा है। जिले में कुल 231 समितियां हैं, जिनमें कुल 13875 किसान पंजीकृत हैं। डेयरी विकास विभाग के मुताबिक योजना से इन किसानों को ही लाभ दिया जाना है।
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क्या है योजना, कितना ऋण
पशुपालक काश्तकारों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना में एक दुधारू पशु पर कुल 35500 रुपये का ऋण सात फीसदी वार्षिक ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसमें निर्धारित समय सीमा में ऋण अदा करने पर चार प्रतिशत की ब्याज में छूट का भी प्रावधान है। खास बात यह है कि इस योजना में एक लाख 60 हजार रुपये तक के ऋण को गारंटी मुक्त रखा गया है।
कोट :
योजना को पशुपालक किसानों तक पहुंचाने के लिए गांव और ब्लॉक स्तर पर कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। ऋण के लिए कोई किसान बाध्य नहीं है। इच्छा अनुसार योजना का लाभ किसान ले सकते हैं। योजना का उद्देश्य काश्तकारों को आर्थिक रूप से सशक्त कर उनकी आय को दोगुना करना है। - सुशील कुमार, राजकीय दुग्ध पर्यवेक्षक, हरिद्वार
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