गंगोत्री धाम से पशुपतिनाथ नेपाल के लिए निकली कलश यात्रा हरिद्वार में एक दिन विश्राम के बाद नेपाल के लिए रवाना हो गई। इस यात्रा के तहत गंगोत्री धाम से लाए गए पवित्र जल को पशुपतिनाथ नेपाल में भगवान भोलेनाथ को अर्पित किया जाएगा।
बुधवार को नेपाल के लिए कलश यात्रा रवाना होने से पहले पवित्र अमृत कलश का पूजन किया गया। गंगोत्री धाम के रावल महाराज शिव प्रकाश सेमवाल ने बताया कि यह कलश यात्रा विश्व के कल्याण के साथ-साथ भारत एवं नेपाल के मध्य मैत्री संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए परंपरागत रूप से निकाली जाती है। शास्त्रों में वर्णित है कि गंगाजल को शिवालय में अर्पित करने से समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। वरिष्ठ शिक्षाविद डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने बताया कि गंगा विश्व की प्रसिद्ध पवित्र नदी है और नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर को यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया है।
पत्रकार अनंत मित्तल ने कहा कि गंगोत्री धाम मां गंगा का उद्गम स्थल है। आज गंगोत्री से लाए गए कलश को स्पर्श करने मात्र से ही गंगोत्री धाम के दर्शन की अनुभूति प्राप्त होती है। इस मौके पर अशोक कुमार शर्मा, डॉ. विशाल गर्ग, वैभव बत्रा एवं उज्जवल बत्रा ने कलश को सिर पर रखकर पवित्र कलश यात्रा में शिरकत की। इस मौके पर रचना शर्मा, अंकित अग्रवाल, दिनेश राणा, मयंक शर्मा, अशोक कुमार शर्मा, देवपाल राणा, विक्रम गुलाटी, उमा गुलाटी, कमल मल, ललित नैयर, अभिषेक भार्गव, नेहा बत्रा, पूजा उपाध्याय, सीमा, डॉ अजय पाठक शिखा गुलाटी, नरेश रानी गर्ग, हेमा भंडारी, स्वीटी मल्होत्रा नीलम, आनंद बल्लभ जोशी, आशीष झा, कुणाल धवन, अनन्या पांडे, विमला, संध्या अग्रवाल, सेजल राणा, अनीता, आरती नैयर, अंजू मल, कपिल गर्ग, मनीषा गुप्ता आदि शामिल हुए।