फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कांवड़ के लिए नहीं खुलेगा हिल बाईपास

Sun, 24 Jul 2016 11:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला हरिद्वार
विज्ञापन
विज्ञापन
हरिद्वार। ब्रह्मपुरी से खड़खड़ी तक शिवालिक की पहाड़ी पर स्थित हिल बाईपास मार्ग इस बार भी कांवड़ मेले के काम नहीं आ पाएगा। राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने लोक निर्माण विभाग को अभी तक हिल बाईपास मार्ग पर आई सिल्ट हटाने की अनुमति नहीं दी है। ऐसी स्थिति में शहर को डाक कांवड़ के वाहनों से लगने वाले जाम से निजात मिलना मुश्किल नजर आ रहा है।
विज्ञापन

चौड़ीकरण के चलते हाईवे भी दोनों तरह खुदा पड़ा है। बारिश होने पर इससे कच्ची मिट्टी में डाक कांवड़ वाहनों के फंसने से हाईवे को चलाने में प्रशासन को पसीने छूटने तय हैं। हिल बाईपास मार्ग पर छह स्थानों पर सिल्ट आई हुई है। इसे तभी हटाया जा सकता है जब राजाजी टाइगर रिजर्व से लोनिवि को हरी झंडी मिले। जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ ने मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को कांवड़ मेला अवधि में हिल बाईपास मार्ग खुुलवाने के लिए पत्र भी भेजा था, लेकिन अभी तक अनुमति नहीं मिल पाई है। इस संबंध में लोनिवि के सहायक अभियंता आरपी नैथानी ने बताया कि अधिशासी अभियंता की ओर से पार्क के उपनिदेशक को कांवड़ मेला में हिल बाईपास को वाहनों के लायक बनाने के लिए सिल्ट हटाने व मरम्मत की अनुमति प्रदान करने के लिए पत्र भेजा था। लेकिन अभी तक  अनुमति नहीं मिली है। उनका कहना है सुप्रीमकोर्ट ने प्रतिबंध लगाया है, खोलने की अनुमति भी वही दे सकता है।
इनसेट
जब वक्त था तब कुछ नहीं किया
मुख्यमंत्री हरीश रावत और तत्कालीन मुख्य सचिव ने अर्द्धकुंभ कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में अक्तूबर-2015 में खड़खड़ी से भूपतवाला तक हिल बाईपास एक्सटेंशन कराने के साथ हिल बाईपास मार्ग को यातायात के लिए खुला रखने के लिए सभी विकल्पों पर विचार करने के निर्देश दिए थे। हिल बाईपास एक्सटेंशन और पुुराने सुधार कार्य पर करोड़ों रुपये तो खर्च करा दिए लेकिन मार्ग को जनोपयोग बनाने के लिए जो कार्रवाई की जानी थी वह आज तक नहीं की गई है। अब कांवड़ मेला चरम पर है तो इसे खोलने की कवायद की जा रही है।
विज्ञापन

इनसेट
अवैध के लिए कोई रोकटोक नहीं
राजाजी टाइगर रिजर्व के क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के लिए रोकटोक नहीं है, लेकिन आपको वैध रूप से जनहित में कोई काम करना है तो अधिकारी व कर्मचारी करने नहीं देते हैं। हकीकत यह है कि ब्रह्मपुरी से जोगिया मंडी तक 4 किलोमीटर में हिल बाईपास मार्ग के नीचे लोगों ने पहाड़ खोद-खोदकर कई-कई मंजिले मकान, दुकान, मठ-मंदिर बना लिए हैं। मंसा देवी मंदिर पैदल मार्ग भी बदस्तूर चल रहा है और उसकी टूट-फूट की मरम्मत की जा रही है। वन गुर्जर रोज पार्क के जंगल से चारा, लकड़ी ला रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें