13 वर्षों से दूधाधारी चौक पर अधर में लटके राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण को लेकर आज बुधवार को उत्तराखंड मानवाधिकार में सुनवाई होगी। जिसमें आयोग ने जिलाधिकारी हरिद्वार, देहरादून समेत एसएसपी हरिद्वार और प्राधिकरण के अधिवक्ता को तलब कर रखा है।
राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कार्य पूरा न होने पर उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग में राष्ट्रीय सूचना अधिकार जागृति मिशन के अध्यक्ष रमेशचंद शर्मा ने वर्ष 2017 में शिकायत दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत पर मानवाधिकार आयोग ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से रिपोर्ट तलब की थी। जिसमें प्राधिकरण की तरफ से रिपोर्ट दी गई थी कि दूधाधारी चौक के पास हुए अवैध निर्माण के कारण बरसाती नाला और सर्विस रोड का काम रुका पड़ा है। अतिक्रमण को हटाने के लिए अनेक प्रार्थना पत्र जिला प्रशासन को दिए जा चुके हैं।
अतिक्रमण न हटाने की वजह से आज तक ये दोनों कार्य अधूरे पड़े हुए हैं। इस वजह से राजमार्ग भी पूरा नहीं हो पा रहा है। अतिक्रमण हटते ही राजमार्ग का कार्य पूरा कर देंगे। पुलिस ने अपने रिपोर्ट में अतिक्रमण होने की बात कही थी। साथ ही कहा था कि अतिक्रमण हटाने के लिए जब भी पुलिस बल की आवश्यकता होगी, तब ही पुलिस बल उपलब्ध करा दिया जाएगा। मोतीचूर क्षेत्र में भी एक होटल की चहारदीवारी न हटने से प्रस्तावित बरसाती नाले का काम रुका हुआ है।