केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी की बेटी की शादी में हुए खर्चे को लेकर हरिद्वार के एक अधिवक्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नोटिस भेजा है। अधिवक्ता ने पूछा है कि गड़करी ने पीएम के फैसले के अनुसार ढाई लाख रुपये में अपनी बेटी की शादी कैसे की है। 30 दिन में शादी का मेन्यू मांगा गया है, ऐसा न होने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
बीते आठ नवंबर को एक हजार और पांच सौ रुपये के पुराने नोट बंद होने पर शादियों के सीजन में लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। हालांकि शादी वाले परिवारों को राहत देने के लिए ढाई लाख रुपये तक की निकासी में छूट का दावा किया गया। लेकिन धरातल पर दावे हवाई नजर आए। इस बीच कुछ वीआईपी शादियों ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा। कर्नाटक के रेड्डी बंधुओं के अलावा केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी की बेटी की शादी को विपक्ष ने भी मुद्दा बनाया था।
हरिद्वार में जिला एवं सत्र न्यायालय में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता अरुण कुमार भदौरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नोटिस भेजा है। जिसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री ईमानदार होने के साथ ही उनके मंत्रियों के भी ईमानदार होने की उम्मीद की जाती है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने निश्चित तौर पर ढाई लाख रुपये में अपनी बेटी की शादी की होगी। महज ढाई लाख रुपये में शादी के कार्ड से लेकर सब्जी, मिठाई, कपड़ों, होटल बुकिंग का खर्च पूरा होना असंभव लगता है।
लिहाजा शादी का मेन्यू भेजा जाए, जिससे जनहित में इसका प्रचार कराया जाए और लोग ढाई लाख रुपये में अपनी अपनी बेटियों की ऐसी शानदार शादी कर सकें। अधिवक्ता ने कहा कि 30 दिन में शादी का मेन्यू न मिलने पर यह मान लिया जाएगा कि यह फरमान केवल गरीबों का उत्पीड़न करने के लिए जारी किया गया है और कानूनी कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ेगा।