ये प्राथमिकी भी दीपिका राठौर ने 2025 दिसंबर माह में दर्ज कराई थी। इस मामले में अधिवक्ता की ओर से जमानत के लिए पैरवी की गई। सुनवाई के बाद न्यायालय ने इस प्राथमिकी में भी उर्मिला को जमानत दे दी। इस तरह मौजूदा प्राथमिकी में पहले ही जमानत मिलने और जमानतियों के मंजूर होने के साथ पुराने मामले में भी राहत मिलने से उनकी जेल से रिहाई का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
हालांकि, बृहस्पतिवार को देर तक चली कानूनी प्रक्रिया के चलते रिहाई का परवाना जेल प्रशासन तक पहुंचने के बावजूद निर्धारित समय में औपचारिकताएं पूरी नहीं हो सकीं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज कुमार आर्य ने बताया कि उर्मिला सनावर की रिहाई का परवाना न्यायालय से प्राप्त हो गया है। समय सीमा समाप्त होने के कारण बृहस्पतिवार को रिहाई संभव नहीं हो सकी। शुक्रवार को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया जाएगा।
दोनों मामलों में मिल चुकी है जमानत
उर्मिला की अधिवक्ता प्रीति सिंह चौहान ने बताया कि दो नवंबर को ही एक प्राथमिकी में कोर्ट से जमानत मिल गई थी, लेकिन जमानती पेश नहीं होने के कारण रिहाई नहीं हो सकी थी। बृहस्पतिवार को दोनों जमानती न्यायालय में पेश कर दिए गए, जिन्हें कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। इसके अलावा पूर्व में दर्ज प्राथमिकी में भी उर्मिला की जमानत मंजूर हो गई है।