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मेहमानों को बुलाने के दावे हवा हवाई

Mon, 07 Dec 2015 11:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार। राजाजी टाईगर रिजर्व में देशी विदेशी सैलानियों को बुलाने के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। राजाजी नेशनल पार्क से राजाजी टाईगर रिजर्व बनने के आठ माह बाद भी राजाजी रिजर्व की वेबसाइट तक नहीं बन पाई।
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19 अप्रैल को राजाजी नेशनल पार्क को राजाजी टाईगर रिजर्व का दर्जा दिया गया। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने टाईगर रिजर्व का लोगो दिया था। सीएम ने टाईगर रिजर्व बनने के बाद यहां सैलानियों की संख्या इजाफा होने की उम्मीद जताई थी। लेकिन राजाजी नेशनल पार्क से टाईगर रिजर्व के बाद प्रचार प्रसार के नाम पर एक भी रुपया खर्च नहीं किया।  ऐसे में देशी विदेशी सैलानियों का राजाजी नेशनल पार्क की वेबसाइट ही देखनी पड़ रही है। इस वेबसाइट में केवल चीला का ही विवरण है। प्रसार के अभाव में रानीपुर, मोतीचूर और रसियाबड़ में सैलानी नहीं पहुंच पा रहे हैं। जबकि यह तीन ट्रैक ऐसे हैं जहां सबसे ज्यादा टाइगर, हिरन, बारहसिंघा और सैकड़ों प्रजातियों के पक्षी दिखते हैं। राजाजी नेशनल पार्क की जो वेबसाइट थी वह भी ऋषिकेश के एक व्यक्ति की थी। पक्षी प्रेमी होने के नाते उक्त व्यक्ति की ओर से पार्क की वेबसाइट अपडेट की जाती है।
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स्थानीय ग्रामीणों को नहीं मिला लाभ
राजाजी टाईगर रिजर्व के उद्घाटन के दिन चीला रेंज कार्यालय परिसर में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने राजाजी टाईगर रिजर्व बनने के बाद स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद जताई थी। उन्होंने कहा था कि स्थानीय ग्रामीण झोपड़ी बनाएंगे, इन झोपड़ियों में सैलानियों स्थानीय व्यंजन खिलाए जाएंगे। पार्क के अधिकारियों को झोपड़ियां बनाने में मदद करने की बात कही थी। लेकिन न तो झोपड़ियां बनीं और न ही सैलानियों की संख्या में इजाफा हुआ।  
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राजाजी टाईगर रिजर्व की वेबसाइट बनने की प्रक्रिया मुख्यालय में शुरू हो गई है। जल्द ही टाईगर रिजर्व की अपनी वेबसाइट होगी। जिससे सैैलानी अपडेट रह सकेंगे।
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 -डीपी उनियाल, रेंजर राजाजी टाईगर रिजर्व हरिद्वार
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