आखिरकार दस दिन बाद विभाग की ओर से किसानों के गेहूं की खरीदारी के लिए केंद्र खोल दिया गया है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद हरकत में आए विभाग ने किसानों का गेहूं खरीदने के लिए पंजीकरण करना भी शुरू कर दिया है। इससे किसानों को बड़ी राहत मिली है।
विभाग की ओर से एक अप्रैल से गेहूं खरीद केंद्र चालू करने का दावा किया गया था। जब अमर उजाला की ओर से पड़ताल की गई तो रानीमाजरा में गेहूं खरीद केंद्र 10 अप्रैल तक भी नहीं खोला गया था। इससे किसान खरीद के लिए पंजीकरण नहीं करा पा रहे थे। अमर उजाला ने रविवार के अंक में ‘कहीं लटके हैं ताले, कहीं कर्मचारी ही लापता’ शीर्षक से खरीद केंद्रों की व्यवस्थाओं को अफसरों के दावों की हकीकत की पोल खोलते हुए खबर प्रकाशित की थी।
खबर का असर सोमवार को देखने को मिला है जब रानीमाजरा में सरकारी गेहूं क्रय केंद्र खोल दिया गया। गेहूं खरीद के लिए बैनर लगा दिया है और एक कर्मचारी तैनात कर दिया गया है। कर्मचारी शुभम कुमार ने बताया कि पहले दिन सोमवार को क्रय केंद्र पर गेहूं खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए दो ही किसान पहुंचे हैं। अब पंजीकरण कराने वाले किसानों की संख्या बढ़ेगी। बता दें कि पिछले दो सप्ताह से क्षेत्र में कई स्थानों पर खेतों में गेहूं की फसल की कटाई हो रही है। क्षेत्र के किसान रानीमाजरा में गेहूं क्रय केंद्र खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। खरीद केंद्र खुलने से शाहपुर, बादशाहपुर, नसीरपुर कलां, शेरपुर, नई कुंडी, रानीमाजरा, भट्टीपुर, शिवगढ़, गोविंदगढ़, दुर्गागढ़, फूलगढ़, हरसीवाला, धारीवाला, टिकौला के किसान सरकारी गेहूं खरीद का लाभ उठा सकेंगे।