मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश की जनता का सेवा करने का जो समय पार्टी ने दिया था, वह अब समाप्ति की ओर से बढ़ रहा है। अब जनता के बीच जाकर आगे सेवा करने का वक्त मांगा जाएगा। उम्मीद है कि संतों के आशीर्वाद से इसमें सफलता पाएंगे और फिर से प्रदेश की सेवा करने का मौका मिलेेगा।
शनिवार को कनखल स्थित जगद्गुरु आश्रम में निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद के प्रथम संन्यास दीक्षा समारोह में पहुंचे सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत की संस्कृति और सभ्यता के प्रचार-प्रसार का जो लक्ष्य लेकर चल रहे हैं, उसमें निश्चित तौर पर सफलता पाएंगे। उन्होंने आचार्य महामंडलेश्वर को प्रथम संन्यास दीक्षा की शुभकामनाएं दीं और कहा कि संत समाज अपना पूरा जीवन राष्ट्र व समाज के लिए लगा रहा है। जो संकल्प लेकर संत समाज आगे बढ़ रहा है, उसको पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। दीक्षा समारोह की वजह से सभी संतों का एक साथ आशीर्वाद लेने का अवसर मिला।
शारदा पीठाधीश्वर शंकराचार्य राजराजेश्वराश्रम महाराज ने सीएम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक साल बाद द्वितीय दीक्षा समारोह में वह फिर से मुख्यमंत्री बनकर पहुंचेंगे। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारें भगवान श्रीराम का नाम लेने से डरती थीं, मगर आज की सरकार अयोध्या में श्रीराम का भव्य मंदिर बनवा रही है। भगवान राम का नाम पूरे विश्व में गूंज रहा है। भारत फिर से विश्व गुरू बनने की तरफ बढ़ रहा है।
आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद ने कहा कि संन्यास जीवन का एक साल पूूरा हुआ है। इसलिए अभी वह बालक हैं। उन्हें सद्मार्ग पर चलने के लिए संतों और सभी के आशीर्वाद की जरूरत है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद, जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि, स्वामी हरिचेतनानंद, स्वामी चिदानंद मुनि, आचार्य बालकृष्ण, युग पुरुष परमानंद, महंत प्रेम गिरि, हरि गिरि, महंत विज्ञानानंद, सतपाल ब्रह्मचारी, देवानंद सरस्वती, तन्मय वशिष्ठ, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष (निरंजनी अखाड़ा) श्रीमहंत रविंद्रपुरी मौजूद रहे।
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सीएम का संतों ने शॉल ओढ़ाकर किया सम्मान
जगद्गुरु आश्रम कनखल पहुंचने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का संतों ने शॉल ओढ़ाकर और माला पहनाकर सम्मान किया। उन्हें प्रतीक चिह्न भी भेंट किया गया। समारोह के बाद मुख्यमंत्री जूना पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि से मिलने हरिहर आश्रम पहुंचे। उन्होंने आचार्य महामंडलेश्वर से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान अंतरराष्ट्रीय रेसलर बबीता फोगाट भी मौजूद रहीं।