निर्मल गणपति संघ की और से गणेश महोत्सव में पूजन में भाग लेते श्रद्धालु ।
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गणेश चतुर्थी पर पूजा अर्चना के साथ कहीं सात तो कहीं 10 दिन के लिए गणपति भगवान विराजे गए। कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते हुए पंडालों के बजाय मंदिरों और घरों में गणपति प्रतिमा स्थापित की गई। श्रद्धालुओं ने प्रतिमाओं की आरती की और पूजन किया। भक्तों ने पूजन के दौरान कोरोना मुक्त देश की प्रार्थना की।
शनिवार को गणेश चतुर्थी मनाई गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में अपने घरों के साथ मंदिरों में गणेश प्रतिमा स्थापित की। हरिद्वार में ज्वालापुर, खड़खड़ी व कनखल आदि आश्रमों में प्रतिमा स्थापित की गई। गणेश चतुर्थी के दिन हरिद्वार के महामाया गणपति संगठन ने अलग अंदाज से बनाए जाने वाले गणपति को इस बार कोरोना की थीम देकर काफी सूक्ष्म रूप में बनाया है। जिसमें गणपति महाराज की सवारी मूषक को कोरोना से लड़ते हुए दिखाया है। साथ ही मूर्ति पूरी तरह इको फ्रेंडली है। महामाया गणपति संगठन के प्रमुख पंडित देवेंद्र कृष्ण आचार्य ने बताया कि इस कोरोना काल के चलते गणपति महोत्सव को सूक्ष्म रूप में करने का निर्णय लिया है। इसमें किसी भी श्रद्धालु को आने की अनुमति नहीं है। महंत विष्णु दास ने बताया कि गणपति महाराज से प्रार्थना की है कि वह जल्द इस कोरोना जैसी महामारी को दूर करें, जिससे उनके भक्त अगले वर्ष धूमधाम से पर्व मना सकें। इस दौरान महंत विष्णु दास, देवेंद्र कृष्ण आचार्य, अधीर कौशिक, धीरज अनेजा, सचिन वर्मा, सत्यम चावला, रोहन दास, राहुल कुमार, सचिन भारद्वाज, लोकेश गिरी, अरविंद मूर्ति, ज्ञानेश, बबलू, सचिन सैनी, अवनीश थपलियाल, जितेंद्र, हेम चंद्र पुजारी आदि मौजूद रहे। वहीं, दूसरी ओर मनसा देवी ट्रस्ट के सचिव रविंद्रपुरी ने श्री निरंजनी अखाड़े में प्रतिमा स्थापित करते हुए संतों के साथ पूजन किया।