पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हमें अपनी जड़ों से हमेशा जुड़े रहना चाहिए। गीता हमारी भारतीय संस्कृति सनातन की जड़ है। इसलिए हमें अपने बच्चों को इससे जोड़कर रखना है। उन्होंने कहा कि जो धर्म की रक्षा करता है तो धर्म उसकी रक्षा करता है।
अध्यात्म चेतना संघ की ओर से ज्वालापुर के एक मंडप में गीता महोत्सव आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत एवं राज्य सभा सांसद नरेश बंसल उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि कहा भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के माध्यम से ही अर्जुन को उपदेश दिया था। राज्य सभा सांसद नरेश बंसल ने बच्चों को पुरस्कृत करते हुए कहा कि गीता हमें जीवन प्रबंधन सिखाती है। इसलिए इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन करना समाज के लिए हितकारी सिद्घ होता है। गीता स्वयं पढ़ने के साथ औरों को भी प्रेरणा देनी चाहिए। इस मौके पर डॉ. रूप किशोर शास्त्री, कथा व्यास हरितोष, संगीता सक्सेना, डॉ. केसी. शर्मा, मनमोहन वैद्य, डॉ. संध्या शर्मा, संदीप जैन, मनोज गौतम, डॉ. महावीर अग्रवाल, अविनाश ओहरी, मनोज, गोयल, जगदीशलाल पाहवा को हरिद्वार गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।
वहीं संस्था द्वारा स्कूली विद्यार्थियों के लिए प्रतिवर्ष आयोजित की जाने वाली गीता ज्ञान प्रतियोगिता के स्थान पर इस वर्ष कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित लगभग सभी ने गीता ज्ञान प्रतियोगिता में भाग लिया। इस प्रतियोगिता में स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इस दौरान पीएस चौहान, प्रतियोगिता प्रभारी अरुण कुमार पाठक, कार्यक्रम संयोजक ब्रजेश शर्मा, सचिव भूपेंद्र कुमार गौड़, उपाध्यक्ष अर्चना वर्मा, नेहा मलिक, विशु गुप्ता, राखी धवन, मनीषा शर्मा, देवयानी शर्मा, सिद्धार्थ प्रधान, ताराचंद विरमानी गंगा सभा के अध्यक्ष प्रदीप झा, प्रतीक मिश्रपुरी, रवींद्र सिंधल, जेपी जुयाल आदि मौजूद रहे।