संगठित गिरोह बनाकर लूट, डकैती, चोरी और लोगों में भय उत्पन्न करने के मामले में विशेष जज गैंगस्टर तृतीय एडीजे वरुण कुमार ने तीन आरोपियों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन अधिवक्ता राजू विश्नोई ने बताया कि 24 जुलाई 2015 में शिकायतकर्ता तत्कालीन प्रभारी कोतवाली रानीपुर योगेंद्र सिंह ने डीएम द्वारा जारी गैंग चार्ट के आधार कोतवाली रानीपुर में मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि वह अपनी पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में शांति व्यवस्था के लिए गश्त कर रहे थे। उसी दौरान सभी आरोपियों दीपक मान पुत्र विजेंद्र निवासी ख्वाजा नगला थाना छपरौली जिला बागपत उत्तर प्रदेश विपिन कुमार पुत्र जयप्रकाश निवासी शेरपुर लोहारा थाना छपरोली जिला बागपत उत्तर प्रदेश और रोहित पुत्र सुंदर निवासी शेरपुर लोहारा थाना छपरौली जिला बागपत के खिलाफ लूट, डकैती, चोरी और लोगों को डरा धमकाकर समाजविरोधी क्रियाकलापों की वारदात को अंजाम देने की सूचना मिली थी। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।अभियोजन पक्ष की ओर से साक्ष्य में 12 गवाह पेश किए गए। स्पेशल जज गैंगस्टर कोर्ट ने अभियोजन पक्ष की दलीलें ओर प्रस्तुत साक्ष्य पर सुनवाई करने के बाद आरोपी दीपक मान विपिन तथा रोहित को मामले में दोषी दोषी पाते हुए प्रत्येक को तीन.त।ीन वर्ष के कठोर कारावास तथा पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।