उत्तराखंड जनरल-ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर राज्य सरकार के कर्मचारियों की हड़ताल पांचवें दिन भी जारी रही। शुक्रवार को हड़ताली कर्मचारियों के दस्ते ने एआरटीओ, ट्रेजरी, बस स्टेशन, सिंचाई, पीडब्ल्यूडी, ऋषिकुल एवं गुरुकुल आयुर्वेदिक कॉलेजों में छापा मारा है औरा काम कर रहे कर्मचारियों को बहार कर दिया। एआरटीओ और ट्रेजरी में कामकाज ठप रहा। यहां पहुंचने वाले लोेगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
शुक्रवार को विकास भवन में चल रहे धरने पर उत्तरांचल मेडिकल पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रीयल एसोसिएशन पूर्व महामंत्री नीरज गुप्ता और उत्तराखंड जनरल ओबीसी इंलाइज एसोसिएशन के जिला सचिव देवेंद्र रावत ने बताया कि शुक्रवार से प्रदेश की आवश्यक सेवाऐं भी प्रतिबंधित की जानी थी, लेकिन देश के साथ ही प्रदेश में कोरोना वायरस के हाई अलर्ट को देखते हुए जनहित में अति-आवश्यक सेवाओं को 11 मार्च तक इससे बहार रखा गया है। इसके बाद सभी सेवाओं को ठप कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि शुक्रवार से कोषागार, जल निगम, मातृ शिशु एवं परिवार कल्याण, वन निगम, राज्य संपत्ति विभाग के कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। उन्होंने हड़ताल को शत प्रतिशत सफल बताते हुए कहा कि जब तक सरकार पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था समाप्त करने का शासनादेश जारी नहीं करती हैं, तब तक किसी भी सूरत में कर्मचारी पीछे हटने वाले नहीं हैं।
आईटीआई कर्मचारी संघ के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष अंबरीष कुमार, प्रियंक त्यागी, कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विनोद कुमार, प्रमोद पंत, कृषि विभाग के प्रांतीय संगठन मंत्री ठाकुर प्रमोद चौहान, कलक्ट्रेट के संजय खाती ने कहा कि प्रदेश सरकार गूंगी और बहरी हो गई हैं। धरना प्रदर्शन सभा की अध्यक्षता कोषागार से सुशील गुप्ता और संचालन नीरज गुप्ता ने किया। इस अवसर पर अचिंत वर्मा, सीमापाल, नौसबा प्रवीन, अनीता, आशा भट्ट, संगीता शर्मा, राहुज प्रजापति, मनोहर सिंह, प्रियंक त्यागी, नवीन परमार, गुलशेर अली, कुलदीप सिंह, जुल्फकार अली, बृजमोहन भगत, सूरत सिंह बागडी, लोकेश शर्मा, रमेश जोशी, धर्मेंद्र सैनी, उपकार कुमार, पदमपाल सिंह, प्रमोद नौटियाल, दिनेश जोशी, सुभाष चंद, राजन ठाकुर, विकास नौटियाल, हरेंद्र बिष्ट, संदीप कुमार, यशपाल नेगी, अशीष, राकेश सैनी, अशीष कुमार, देवेंद्र चौहान, देवेंद्र शर्मा, बीके गुप्ता, धीरेंद्र सिंह, केसी शर्मा, जगबीर सिंह आदि उपस्थित रहे।
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गिनती के कर्मचारी कर रहे काम
तहसील, विकास भवन, जिला पंचायत, आपूर्ति विभाग, एआरटीओ आदि में अनुसूचित जाति के कर्मचारी काम कर रहे है। हालांकि इन कर्मचारियों की संख्या विभाग में एक या दो है। इमरजेंसी के कामों को निपटाने में लगे हुए रहते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि उनका प्रयास है कि किसी जरूरतमंद का काम अवश्य पूरा हो।