हरिद्वार। अखिल भारतीय युवा तीर्थ पुरोहित महासभा के पदाधिकारियों ने ब्रह्मकुंड पर गंगाजल का स्तर कम होने पर हरकी पैड़ी पर प्रदर्शन किया। उन्होंने अंग्रेजी शासनकाल का हवाला देते हुए कहा कि ऐसा उनके शासनकाल में कभी जल की कमी नहीं हुई। उन्होंने शीघ्र ही स्थिति न सुधरने पर आंदोलन की चेेतावनी दी।
रविवार को युवा तीर्थ पुरोहित हरकी पैड़ी पर एकत्रित हुए। महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उज्जवल पंडित ने कहा कि ब्रह्मकुंड पर गंगाजल का स्तर एक फुट से नीचे चला गया है। उन्होंने कहा कि सन 1916 में अंग्रेजी सरकार से समझौता हुआ था कि हरकी पैड़ी पर एक हजार क्यूसेक पानी रहेगा। लेकिन इस नियम की धज्जियां आज उड़ाई जा रही है। आस्था और श्रद्धालुओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ब्रह्मकुंड की उपेक्षा की जा रही है। ऐसा यूपी की सपा सरकार के चलते हो रहा है। उन्होंने चेेतावनी दी कि इसे पुरोहित समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। जिला अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि जिस भावना से श्रद्धालु हरिद्वार पहुंच रहे है और यहां पर उनका स्नान संपूर्ण नहीं हो रहा है। इससे यात्रा सीजन पर प्रभाव पड़ने लगा है। शैलेष मोहन ने कहा कि पूरा साल हो गया, लेकिन हरिद्वार में श्रद्धालु नहीं दिखाई दे रहा है। उन्होंने ब्रह्मकुंड पर स्नान योग्य जल न आने पर आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर सिद्घार्थ चक्रपाणी, उमाकांत वशिष्ठ, रजनीश, रामचंद, मनीष पंचभैय्या, संजय वशिष्ठ, अंकित, विकास प्रधान, धीरज पंचभैय्या, मोनू चाकलान, अनुज प्रधान, पवन पंचभैय्या, प्रदीप सरदार, अंकुर पालीवाल, सुमित श्रीकुंज आदि शामिल हुए।