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गंगा के प्राण छीनकर धन उगाहना चाहती है सरकार

Thu, 18 May 2017 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो हरिद्वार
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गंगा को जीवित व्यक्ति का दर्जा देने के हाईकोर्ट के आदेश को सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के फैसले पर मातृसदन का पारा चढ़ गया है। स्वामी शिवानंद ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार गंगा के प्राण छीनकर धन उगाहना चाहती है। साफ किया कि गंगा को मृत करने की सरकार की मंशा कामयाब नहीं होने देंगे और मातृसदन हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगा। वहीं गंगा में खनन के खिलाफ मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का अनशन पांचवें दिन भी जारी रहा।      

नैनीताल हाईकोर्ट ने पिछले दिनों मोक्षदायिनी गंगा को जीवित व्यक्ति का दर्जा दिया था। कानून के जानकारों के मुताबिक इसके पीछे हाईकोर्ट की मंशा थी कि जीवित व्यक्ति की तरह ही गंगा के अधिकारों को सुरक्षित करने और संरक्षित किया जाए। प्रदेश सरकार इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने जा रही है। मातृसदन में पत्रकार वार्ता करते हुए स्वामी शिवानंद महाराज ने सरकार के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि गंगा को जीवित व्यक्ति का दर्जा मिलने से सरकार गंगा से धन कमाने के उद्देश्य में सफल नहीं हो पा रही है। इसलिए वह गंगा के प्राण छीनना चाहती है। स्वामी शिवानंद ने कहा कि सरकार मृत गंगा की पूजा कर उससे धन कमानी चाहती है। इसे मातृसदन कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।       
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पत्रकार वार्ता के दौरान स्वामी शिवानंद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का हवाला भी दिया जो लोकसभा चुनाव लड़ने के दौरान मोदी ने बनारस पहुंचकर दिया था। स्वामी शिवानंद ने कहा कि मोदी कहते हैं मुझे मां गंगा ने यहां बुलाया है और उनकी सरकार देवभूमि में मोक्षदायिनी गंगा के प्राण छीनने के लिए सुप्रीम कोर्ट जा रही है। उन्होंने कहा कि मातृसदन सुप्रीम कोर्ट जाकर सरकार की याचिका का विरोध करेगा। गंगा की मर्यादा के लिए मातृसदन ने पहले भी बलिदान दिया है और आगे भी वह तत्पर है।       
    
सीएस व डीएम को अवमानना का नोटिस जारी      
गंगा में वन विकास निगम का खनन खोलने के विरोध में हाईकोर्ट पहुंचे मातृसदन की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए नैनीताल उच्च न्यायालय ने पक्षकारों को नोटिस जारी किए हैं। इसमें मुख्य सचिव उत्तराखंड एस रामास्वामी, औद्योगिक विकास सचिव शैलेश बगोली, जिलाधिकारी हरिद्वार दीपक रावत सहित कुल पांच अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है। स्वामी शिवानंद ने बताया कि मुख्य सचिव, औद्योगिक विकास सचिव और डीएम हरिद्वार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। 
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शराब नीति पर मातृसदन ने उठाए सवाल      
सरकार की नई शराब नीति पर भी मातृसदन ने सवाल उठाए हैं। स्वामी शिवानंद ने कहा कि भाजपा व आरएसएस के नेता चुनाव से पहले कहते थे कि देवभूमि में शराब बंदी करेंगे। अब चुनाव जीतने के बाद शराब व खनन को बढ़ावा देने के लिए हर हथकंडा अपनाया जा रहा है। स्वामी शिवानंद ने कहा कि सरकार ने शराब से पैसे कमाने का पूरा भार जिलाधिकारियों पर डाल दिया है। खुद को हिंदू धर्म का रक्षक बताने वाली पार्टी ने सभी जिलाधिकारियों को शराब से धन कमाने का टारगेट दिया गया है। देवभूमि के लिए इससे बड़ा दुर्भाग्य कुछ नहीं हो सकता। 
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