ड्राइवर के आत्महत्या कर लेने के प्रकरण में पुलिस गिरफ्त में आरोपी ।
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सिडकुल की टीएसआई ट्रांसपोर्ट कंपनी के कार्यालय में बंधक बनाकर रखे गए ड्राइवर के आत्महत्या कर लेने के प्रकरण में सिडकुल पुलिस ने कंपनी से जुड़े चार आरोपी कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। जबकि दो आरोपी फरार चल रहे हैं। मृतक के बेटे ने इन सभी के खिलाफ पिता को बंधक बनाकर गाली गलौज कर मारपीट करने एवं आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
रविवार सुबह टीएसआई कंपनी के कार्यालय में पेशे से ड्राइवर रामचरण निवासी गांव सुसायत कलां थाना सासनी जिला हाथरस यूपी का शव फांसी के फंदे से झूलता हुआ मिला था। बताया जा रहा है कि टीएसआई कंपनी में चालक के तौर पर कार्यरत रामचरण अपना वेतन लेने पहुंचा था, लेकिन ट्रांसपोर्ट कर्मचारियों ने उसे कार्यालय में बंधक बना लिया था। मृतक ने शनिवार देर रात ही पुलिस कंट्रोल रूम को बंधक बनाकर रखने की सूचना दी थी, लेकिन पुलिसकर्मी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। बल्कि मोबाइल पर ही ड्राइवर से बात कर बीच रास्ते से वापस लौट आए थे। इधर, चालक की मौत के बाद एसएसपी ने एसओ प्रशांत बहुगुणा को लाइन हाजिर, एसआई मोहन कठैत एवं चेतक सवार कांस्टेबल दीपक दानू, भरत नेगी को निलंबित कर दिया था। मामले में चालक के पुत्र राजकुमार ने प्रोजेक्ट इंचार्ज सुभाष शर्मा निवासी गांव मेहरमपुर चिढ़ावा झुंझनू राजस्थान हाल निवासी खन्ना नगर ज्वालापुर, सुपरवाइजर लाखीराम निवासी कुलताजपुर नारनौल जिला महेंद्रगढ़, हरियाणा हाल निवासी शिवालिक नगर, सुपरवाइजर सुनील शर्मा निवासी पातूवास चरखी दादरी भिवानी हरियाणा हाल निवासी रावली महदूद एवं कैशियर धर्मेद्र यादव निवासी गिरधरपुर लोहता जिला वाराणासी यूपी हाल निवासी शिवालिक नगर, फ्लीट मैनेजर देवांश एवं कंट्रोलिंग इंचार्ज हितेश सेन के खिलाफ प्रभावी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने इन सब पर उनके पिता को बंधक बनाकर मारपीट करने और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया है। एसओ ने बताया कि देवांश एवं हितेश सेन अभी फरार चल रहे हैं, जिनकी तलाश कर रहे है। जबकि अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।