श्यामपुर रेेंज के सुक्का सोत कंपार्टमेंट एक में आठ महीने का हाथी का बच्चा मरा हुआ मिला । राजाजी गाइगर रिर्जव पार्क और वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि हाथी के बच्चे की मौत गिरकर हुई होगी।
जानकारी के अनुसार घटनास्थल के पास ही वन गुर्जरों का डेरा है। बुधवार की रात तेज दुर्गंद आने पर वन गुर्जर उस तरफ गए। वन गुर्जरों को वहां हाथी के बच्चे का शव सड़ी-गली अवस्था में दिखा। वन गुर्जरों ने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना पर वन क्षेत्राधिकरी यशपाल सिंह राठौर मौके पर पहुंचे। बृहस्पतिवार को शव का पोस्टमार्टम के बाद दफना दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि हाथी के बच्चे का शव चार से पांच दिन पुराना लगता है। पहाड़ी से हाथियों का झुंड गुजरते समय बच्चा नीचे गिर गया होगा। ऐसा अनुमान है कि अंदरूनी चोटें आने पर हाथी का बच्चा खड़ा नहीं हो सका होगा। जिसके चलते उसकी मौत हो गई।
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वन विभाग की गश्त पर सवाल
श्यामपुर। घटना स्थल से सात किलोमीटर की दूरी पर वनकर्मियों की चौकी है। जिस पर दो वनकर्मी हर समय तैनात रहते हैं। चार से पांच दिन तक हाथी के बच्चे का शव एक स्थान पर ही पड़ा रहकर सड़ता रहा। जिसकी वन विभाग के कर्मचारियों को भनक तक भी नहीं लगी। वन गुर्जरों का कहना है एक-दो दिन तक घटना स्थल पर हाथियों के चिंघाड़ने की भी आवाजें आती रही। डर के मारे वह घटना स्थल की ओर जाने की हिम्मत नहीं कर सके। यदि वन विभाग के कर्मचारियों ने इस दौरान एक बार भी घटना स्थल के आसपास गश्त की होती तो अधिकारियों को हाथी के बच्चे के घायल होने की जानकारी हो जाती।