जिले में डेंगू और वायरल जैसी बीमारियों का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की नींद है कि टूट ही नहीं रही है। विभाग के अधिकारियों की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मंत्रियों को भी गलत जानकारी देने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को इसका खुलासा होने पर जिलाधिकारी ने सीएमओ बीएस जंगपांगी से कड़ी नाराजगी जताई और तीन दिन के अंदर ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर शुरू करने के निर्देश दिए। तीन दिन के अंदर सेपरेटर शुरू नहीं होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बृहस्पतिवार को समाधान पोर्टल की सुनवाई के दौरान किसी व्यक्ति की ओर से लगाई गई शिकायत पर जब सुनवाई हुई तो कारण पूछा गया कि ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर को अभी तक चालू क्यों नहीं किया जा सका। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया कि अभी इसके लिए लाइसेंस नहीं मिल सका है। समाधान पोर्टल की सुनवाई तो हो गई लेकिन इसके बाद जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की क्लास ली। जिलाधिकारी ने कहा कि पिछले महीने स्वास्थ्य मंत्री ने जब समीक्षा की तो बताया गया था कि प्रशिक्षित कर्मचारी नहीं होने के कारण कंपोनेंट सेपरेटर नहीं चलाया जा सका। अब कोई और तर्क दिया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि आखिर विभाग अपने दायित्वों के प्रति गंभीर क्यों नहीं है और सारी कमियों को एक बार तलाश कर क्यों नही दूर किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि उन्होंने तीन दिन के अंदर इस बारे में सारी कवायद पूरी करने के निर्देश दिए हैं। ऐसा नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।