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पाई-पाई के लिए मोहताज निगम ढाई करोड़ खर्च नहीं कर पाया

Wed, 18 Nov 2015 12:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार। प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना देने वाली स्थानीय सरकार (नगर निगम) का 14वें अनुदान आयोग से प्राप्त 2 करोड़ 50 लाख 55 हजार रुपये की अनुदान राशि लैप्स होने जा रही है। 25 जुलाई को जारी इस राशि का उपयोगिता प्रमाणपत्र 30 नवंबर तक अनुदान आयोग को देना होता है। लेकिन अभी तक भी सड़कों के निर्माण, सफाई उपकरणों, कीटनाशक दवाओं और पथ-प्रकाश की फाइलें इस टेबल से उस टेबल पर भटक रही हैं।
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इस धनराशि का उपयोग मूलभूत नागरिक सुविधाओं के स्तर को सुधारने पर खर्च किया जाना था। नगर निगम बोर्ड ने दो माह पूर्व इस राशि को खर्च करने का प्रस्ताव पारित किया था। इसके तहत बोर्ड ने एक करोड़ 50 लाख रुपये सड़कों के पुनर्निर्माण, 50 लाख पथ-प्रकाश और लगभग 50 लाख रुपये सफाई उपकरण और कीटनाशक दवा क्रय करने का प्रावधान किया था। इन कार्यों को कराने के लिए नियमानुसार निविदाओं के लिए 15 दिन का समय होता है। लेकिन स्थानीय सरकार के पास अब केवल 13 दिन शेष हैं। 30 नवंबर को यह पूरी धनराशि लैप्स हो जाएगी। नगर निगम चार माह में एक पाई भी खर्च नहीं कर पाया है। सड़कों, सफाई उपकरणों, कीटनाशक दवाओं और पथ-प्रकाश की फाइलें इस टेबल से उस टेबल पर भटक रही हैं। बोर्ड में प्रस्ताव पास होने से पहले इस्टीमेट बनाने शुरू हो गए थे जो अब तक बनाए और बिगाड़े जा रहे हैं। चूंकि नगर निगम में प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार मुख्य नगर अधिकारी के पास हैं और उनसे कोई इस पर सवाल पूछने वाला नहीं है। जबकि कुछ लोग इसे बोर्ड को फेल करने की राजनीतिक साजिश के रूप में देख रहे हैं।

इनका कहना है
बोर्ड प्रस्ताव के अनुरूप 14वें वित्त आयोग की धनराशि को खर्च करने के लिए संबंधित विभाग इस्टीमेट लगभग बना चुके हैं। अनुमोदन की प्रक्रिया चल रही है। अभी हमारे पास 30 नवंबर तक का समय है। तब तक निविदाओं की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
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विप्रा त्रिवेदी, मुख्य नगर अधिकारी।  

मैं अपनी तरफ से प्राप्त धनराशि को खर्च का प्रस्ताव पास करवा चुका हूं। बीच में 4-5 दिन अवकाश के कारण निविदाओं का काम नहीं हो पाया है। सभासदों ने जो प्रस्ताव दिए थे उनके अनुरूप सड़क निर्माण का इस्टीमेट बनाने को कहा है। लेकिन यह सही है कि अनुदान धनराशि को अनावश्यक रूप से खर्च करने में विलंब किया जा रहा है।
मनोज गर्ग, नगर प्रमुख।

बोर्ड के प्रस्ताव के अनुसार लगभग एक करोड़ 50 लाख रुपये वार्डों में सड़कों पुनर्निर्माण पर खर्च किए जाने हैं। निर्माण विभाग सभासदों से प्राप्त प्रस्ताव पर इस्टीमेट तैयार कर चुका है। मुख्य नगर अधिकारी और मेयर से अनुमोदन प्राप्त होने पर निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ा दी जाएगी।
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दिनेश शर्मा, नगर अभियंता।

स्वास्थ्य विभाग सफाई उपकरणों की खरीद और कीटनाशक दवा खरीदने के लिए इस्टीमेट तैयार कर मुख्य नगर अधिकारी को भिजवाया जा चुका है।
डॉ. प्रवीण प्रकाश, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी।
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