विभाग के नियम कायदों को ठेंगे पर रखकर नौकरी कर रहे शिक्षक दंपति बुधवार को अमर उजाला में खबर छपने के बाद हरकत में आए। श्यामपुर क्षेत्र में कई शिक्षक जोड़े महीनों बाद पैर पटकते हुए स्कूल जाते नजर आए। शिक्षक पतियों के साथ अचानक उनकी शिक्षक पत्नियों को देख ग्रामीण और स्कूल के बच्चे भी हैरत में रहे।
सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग के नियमों को ताक पर रखना आम बात है। कुछ प्राइमरी व जूनियर स्कूलों में तैनात शिक्षक दंपति तो स्कूल के मालिक ही बन बैठे। एक ही स्कूल में तैनाती का जमकर फायदा उठाया जा रहा है। हाल ये है कि पत्नियों के हिस्से की हाजिरी भी शिक्षक पति खुद लगा रहे हैं और शिक्षिकाएं घर पर रहकर मुफ्त की तनख्वाह ले रही हैं। अकेले श्यामपुर क्षेत्र में ही ऐसे तीन मामले अमर उजाला की पड़ताल में सामने आए थे। जनपद के अन्य ब्लॉक में भी शिक्षक दंपति स्कूल के अन्य शिक्षकों के साथ तालमेल बैठाकर मनमानी ढंग से नौकरी कर रहे हैं। बुधवार के अंक में अमर उजाला ने इस संबंध में खबर प्रकाशित कर विभाग को नींद से जगाने का प्रयास किया था।
बुधवार को छपी खबर का बड़ा असर ये रहा कि श्यामपुर क्षेत्र के स्कूलों में महीनों बाद शिक्षक दंपति जोड़े के रूप में स्कूल पहुंचे। अचानक पति पत्नी के स्कूल पहुंचने को लेकर तरह तरह की चर्चाएं शिक्षकों में रही। वहीं कार्यवाहक मुख्य शिक्षा अधिकारी दिनेश चंद्र डिमरी ने बताया कि औचक निरीक्षण कर इस मामले की पड़ताल की जाएगी। बिना स्वीकृति गैरहाजिर पाए जाने वाले शिक्षक या शिक्षिकाओं पर कार्रवाई की जाएगी।