पुलिस ने सपेरा जाति से ताल्लुक रखने वाले एक वन्य जीव तस्कर को दबोचते हुए पांच कछुए बरामद किए हैं। वन विभाग की टीम ने पूछताछ के बाद आरोपी तस्कर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है।
सोमवार देर रात फेरुपुर चौकी प्रभारी लखपत सिंह बुटोला ने गांव कटारपुर मार्ग पर पैदल जा रहे एक संदिग्ध को रोका। उसके पास मौजूद बैग की तलाशी ली तो उसमें पांच कछुए मिले। तीन कछुए छोटे थे। जबकि दो बड़े थे। पुलिस आरोपी को पकड़कर चौकी लेकर पहुंची। पूछताछ में आरोपी तस्कर अरुण (निवासी सपेरा बस्ती रायपुर देहरादून) ने बताया कि उसने यह कछुए बाणगंगा से पकड़े हैं। उसे सभी कछुए अपनी अपने बिरादरी के एक व्यक्ति को देने थे। वह फिर आगे इन्हें बेचता है। चौकी प्रभारी की सूचना पर आला अफसरों चौकी पहुंचे और तस्कर से पूछताछ की। थानाध्यक्ष अजय जाटव ने बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। इस संबंध में पुलिस की एक टीम देहरादून में सपेरा बस्ती भेज दी गई है। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने भी थाने में तस्कर से पूछताछ की। मंगलवार देर शाम कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने कछुए वन विभाग को सौंप दिए हैं।
बाजार में एक कछुए की कीमत ढाई से तीन लाख
घर में कछुए रखना शुभ माना जाता है। तंत्र साधकों का मानना है कि कछुआ होने से लक्ष्मी प्रसन्न होती है। इसके अलावा यौनवर्द्धक एवं कई गंभीर बीमारियों के इलाज में भी इसका इस्तेमाल होता है। हालांकि हिंदू धर्म शास्त्र में इसका कोई उल्लेख नहीं है। बताया जा रहा है बाजार में एक कछुआ की कीमत ढाई से तीन लाख रुपये है।