हरिद्वार। आगदनी के स्रोत बढ़ाने के लिए नगर निगम के लिए बुधवार की बैठक काफी राहत वाली रही। आय बढ़ाने को लेकर पहले कार्यकारिणी की बैठक में लाए गए लगभग सभी प्रस्तावों पर बोर्ड ने अपनी मुहर लगा दी। हंगामे के बीच पास हुए प्रस्तावों के तहत जगजीतपुर में 200 दुकानों का निर्माण, निगम की 100 दुकानों की छतों को छोड़कर फ्री होल्ड करने और उन छतों पर नई दुकानों के निर्माण का फैसला लिया गया। साथ ही शहर के धार्मिक संपत्तियों को टैक्स से मुक्त करने का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। बैठक में बसंत भवन को लेकर विपक्ष ने हंगामा किया। हलफनामे में अपने आप को कथित लिखने के विरोध में पार्षद लखन लाल ने बैठक का बहिष्कार कर दिया।
नगर निगम में सोमवार को भारी हंगामे के चलते स्थगित हुई बोर्ड की बैठक बुधवार को उसी एजेंडे पर शुरू हुई। पार्षद लखन लाल सोमवार की तरह वेल के बीच में धरना देकर बैठ गए। मेयर मनोज गर्ग से नोकझोंक के बाद लखनलाल बैठक का बहिष्कार कर चले गए। इस पर नेता प्रतिपक्ष उपेंद्र कुमार, सचिन बेनीवाल, अमन गर्ग, हाजी इरफान अंसारी, सिद्दीकी गौड़ आदि ने मेयर के सामने पहुंचकर आपत्ति जताई। उपेंद्र ने बसंत भवन मामले में ट्रस्ट को लेकर मेयर से पूछा कि मामला व्यक्तिगत के बजाय नगर निगम से जुड़ा होने के बावजूद उन्होंने सदन को विश्वास में क्यों नहीं लिया। इस पर मेयर का कहना था कि उन्होंने वसीयत के आधार पर फैसला लिया है, फिलहाल मामला कोर्ट में है। अब कोई भी निर्णय लेने से पहले सबसे राय ली जाएगी। इसके बाद कार्यकारिणी में रखे गए प्रस्तावों को बोर्ड के सामने रखा गया। हरिद्वार में आने वाले बाहरी वाहनों से प्रवेश शुल्क का ठेका देने का प्रस्ताव पास कर दिया गया।
जगजीतपुर में पुलिस चौकी से लेकर शराब के ठेके तक 200 दुकानों के निर्माण पर भी बोर्ड ने मुहर लगा दी। देवपुरा विचित्र वाटिका की भूमि पर बहुमंजिला इमारत का प्रस्ताव बनाने का फैसला लिया गया। हरकी पैड़ी पर फोटोग्राफी का ठेका देने के बजाय लाइसेंस देने पर सहमति बनी। नगर निगम की करीब 100 दुकानों की छतों को छोड़कर फ्री होल्ड करने का प्रस्ताव रखा गया। सत्ताधारी पार्षद अनिल मिश्रा, राजेश कुमार, रवि धींगड़ा आदि ने इसका समर्थन और विपक्ष ने विरोध किया। नगर आयुक्त विप्रा त्रिवेदी फ्री होल्ड के बजाय दुकानों की नीलामी का नियम बताया। साथ ही यह भी चेताया कि नियम विरुद्ध प्रस्ताव लाने से पहले एक बार विचार कर लिया जाए। इस पर अमन गर्ग ने आरोप लगाया कि जानबूझकर नियम विरुद्ध प्रस्ताव लाया जा रहा है, जिससे प्रस्ताव शासन में लटके और सरकार की छवि खराब की जा सके।
विपक्ष एकजुट होने पर मेयर ने फ्री होल्ड पर फैसला लेने के लिए पार्षदों से हाथ उठाकर अपनी राय पूछी। सत्ताधारी पार्षदों ने खड़े होकर अपना समर्थन दिया। संख्याबल को देखते हुए बहुमत के आधार पर दुकानों को फ्री होल्ड का फैसला ले लिया गया। वहीं स्वकर निर्धारण को लेकर पार्षद अनिल मिश्रा व लखन लाल चौहान के संयुक्त हस्ताक्षरित पत्र पर मंदिर, आश्रम आदि धार्मिक संपत्तियों को टैक्स से मुक्त करने के प्रस्ताव का सभी ने समर्थन किया। साथ ही यह तय किया गया कि धार्मिक संपत्ति का कोई भाग यदि व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए किराये पर दिया गया है तो उस पर टैक्स वसूला जाएगा। मेयर मनोज गर्ग के पूर्व के फैसले और विपक्ष की मांग के मुताबिक पूरी बोर्ड बैठक की वीडियोग्राफी कराई गई।
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उड़न खटोले के टिकट का 15 प्रतिशत जनहित में
मंसा देवी उड़न खटोले का संचालन करने वाले उषा ब्रेको कंपनी से अनुबंध की अवधि बढ़ाने और किराया बढ़ाने को लेकर एक पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा। रोपवे से प्रति टिकट के बेस टिकट पर 15 प्रतिशत धनराशि नगर निगम कोष में जमा कराने का प्रस्ताव भी बैठक में पास किया गया।
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सतीघाट पर फूल फरोशी प्रतिबंधित
बैठक के दौरान कनखल सतीघाट पर फूल फरोशी के ठेके का भाजपा पार्षदों ने विरोध किया। जबकि कांग्रेस के रमेश चंद्र छाछर ने कहा कि घाट पर फूल वैसे भी बेचे जा रहे हैं। सतीघाट पर फूल की बिक्री प्रतिबंधित करने और कनखल चौक पर फूलों की पीठ का ठेका देने का फैसला लिया गया।