शहर में बिजली की लाइनों को भूमिगत करना उपभोक्ताओं के साथ ऊर्जा निगम के लिए भी मुसीबत बन गया है। भूमिगत लाइन में फाल्ट आने पर उसको ढूंढना आसान नहीं होता है और लोगों को घंटों बिना बिजली के रहना पड़ता है। सोमवार दोपहर को भी उत्तर हरिद्वार क्षेत्र में ऐसा ही हुआ। बिजली की भूमिगत लाइन में फाल्ट आने से 20 हजार की आबादी को बिजली के साथ पीने के पानी के लिए भी तरसना पड़ गया। फाल्ट नहीं मिलने पर ऊर्जा निगम को रात दो बजे दूसरी लाइन से आपूर्ति सुचारु करनी पड़ी।
सोमवार को उत्तरी हरिद्वार के भीमगोड़ा क्षेत्र में भूमिगत बिजली की लाइन में फाल्ट आने पर दिन के तीन बजे आपूर्ति ठप हो गई। भीमगोड़ा, नई बस्ती, खड़खड़ी, रामगढ़ समेत कई इलाकों में रात तक भी जब बिजली नहीं आई तो पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो गई। हजारों की आबादी उमस भरी गर्मी से बेहाल हो गई। परेशान लोगों ने ऊर्जा निगम के जेई से लेकर ईई तक के फोन मिलाए पर किसी ने फोन नहीं उठाए।
परेशान लोगों ने सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार को घंटों से बिजली नहीं होने की शिकायत दर्ज कराई। सिटी मजिस्ट्रेट ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से बिजली नहीं आने का कारण जाना। अधिकारियों ने बताया कि लाइन में फाल्ट आ गया। प्रशासनिक अधिकारी के हरकत में आने के बाद ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने रात दो बजे दूसरी लाइन से जोड़कर बिजली की आपूर्ति सुचारु की। स्थानीय निवासी सोमेश कुमार, शुभम शर्मा, अनिकेत, पंकज, सुरेश कुमार ने बताया कि 12 घंटे तक बिजली के साथ जलापूर्ति बाधित होने से भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
आरएमयू से हटाकर डायरेक्ट जोड़ी सप्लाई
भीमगोड़ा में ढाल के पास लाइन में फाल्ट आया था। ऊर्जा निगम के मुताबिक, भूमिगत विद्युत लाइन में आरएमयू (ट्रांसफार्मर सरीका) होता है। जिससे सप्लाई होती है। खराबी आने के बाद सप्लाई चालू कर मरम्मत का कार्य शुरू किया गया। देर शाम तक विद्युत लाइन के फाल्ट को तकनीकी कर्मचारी ठीक करने में लगे हुए थे।
कर्मचारियों को नहीं तकनीकी जानकारी
हरिद्वार। महानगर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुनील सेठी का कहना है कि ऊर्जा निगम के अधिकारी और कर्मचारियों को भूमिगत बिजली लाइन की तकनीकी जानकारी नहीं है। यही कारण है कि फाल्ट को ढूंढने और ठीक करने में कई घंटे लग जाते हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में 12 घंटे तक बिजली गुल रहने से व्यापारियों का कच्चा माल खराब हो गया और भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि भूमिगत लाइन में फाल्ट आने पर रुड़की और देहरादून से कर्मचारियों को बुलाना पड़ता है। ऐसे में आपूर्ति सुचारु करने में कई घंटे लग जाते हैं। उनका कहना है कि कांवड़ मेला शुरू होने वाला है। यदि यही समस्या हुई तो कई तरह की परेशानियां खड़ी हो जाएंगी। उन्होंने जिलाधिकारी से टेक्नीशियन को 24 घंटे भूपतवाला कार्यालय पर तैनात रखने की मांग की।
उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति चालू करा दी गई थी। भूमिगत लाइन में फाल्ट आ गया था जिसकी मरम्मत करवाई दी गई है। संबंधित क्षेत्र के अधिकारी व्यस्तता के कारण कई बार फोन नहीं उठा पाते हैं। फिर भी कॉल रिसीव करने के लिए सभी को हिदायत दी जाएगी।
- प्रदीप चौधरी, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगम