राष्ट्रीय राजमार्ग पर बहादराबाद और रुड़की के बीच हाईवे पर पतंजलि के समीप किसानों ने टोल प्लाजा का निर्माण बंद करा दिया है। किसानों ने विरोध जताते हुए वहां टेंट लगाकर काम कर रहे मजदूरों को भगा दिया।
हाईवे पर पतंजलि के समीप शनिदेव मंदिर के पास टोल प्लाजा में बौंगला गांव के किसानों की कृषि भूमि का अधिग्रहण किया है। किसानों ने अब तक मिले मुआवजे को नाकाफी बताया। उन्होंने मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग की है, लेकिन अधिग्रहण करने वाली एजेंसी ने इसे नकार दिया। इससे आक्रोशित बौंगला गांव के किसान हाईवे पर उतर गए। उन्होंने टोल प्लाजा वाले स्थान पर टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया। किसानों ने वहां पर निर्माण में लगे मजदूरों को भी भगा दिया। किसानों ने चेतावनी दी कि उचित मुआवजा मिलने के बाद ही बेमियादी धरना समाप्त किया जाएगा। इस मौके पर किसान राजेंद्र चौहान, बालेश चौहान, सतपाल, अमित चौहान, ललित चौहान, संदीप चौहान, मनोज चौहान, वीरेंद्र सिंह, अशोक कुुमार, कृष्णपाल, हैंसी चौहान, आलोक चौहान, सचिन प्रकाश, अजय, मनीष, प्रमोद, विजय कुमार, सुखवीर आदि धरने पर बैठ गए।
तीन महीने में सड़क और पुल चालू करने के निर्देश
राष्ट्रीय राजमार्ग 58 को फोरलेन बनाने का काम कर रही कंपनी एरा के चेयरमैन एचएस भड़ाना ने रविवार को कार्य की प्रगति का स्थलीय निरीक्षण किया। परियोजना प्रबंधक बीबी सिंह ने बताया कि चेयरमैन ने समीक्षा बैठक में पतंजलि योगपीठ, सिंहद्वार और दूधाधारी चौक के फ्लाईओवरों के साथ ही हर की पैड़ी के सामने केवल स्टैंड पुल, ओल्ड सप्लाई व न्यू सप्लाई चैनल तथा डैम स्कैप पुलों के साथ सर्विस रोड बनाने का काम मार्च तक चालू करने का निर्देश दिए हैं। टोल प्लाजा बूथ का काम भी तीन महीने के अंदर कंपलीट किया जाना है।
परियोजना प्रबंधक बीबी सिंह ने बताया कि कोर के पास नए पुल को चालू करने का कई बार प्रयास किया जा चुके हैं, परंतु बढ़ेडी राजपुताना क्षेत्र के किसान उसको चालू नहीं होने दे रहे हैं। एनएचएआई के अधिकारी किसानों को समझा चुके हैं कि रतमऊ का पुल जर्जर होने से बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है। कंपनी जनहित में नया पुल चालू करने के बाद रतमऊ के जर्जर पुल की मरम्मत कर उसे भी ठीक करना चाहती है।